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जुबीन गर्ग के सम्मान में लगेगी 45 फीट मूर्ति

Krishna Das Parth

गुवाहाटी : गणेश चतुर्थी के अवसर पर असम के गुवाहाटी स्थित फटासिल अंबारी में इस वर्ष भगवान गणेश की 45 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन की खास बात यह है कि इस वर्ष की थीम असमिया सांस्कृतिक जगत के लोकप्रिय कलाकार जुबीन गर्ग को समर्पित की गई है। आयोजकों का कहना है कि वे गणेश उत्सव के माध्यम से जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि और सम्मान देना चाहते हैं। आयोजकों के अनुसार, यह पूर्वोत्तर भारत में भगवान गणेश की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। फटासिल अंबारी इलाके में पिछले करीब चार दशक से गणेश चतुर्थी का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष प्रतिमा की ऊंचाई पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ाई गई है। इससे पहले यहां 41 फीट और 35 फीट ऊंची गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं।

40 साल पुरानी परंपरा में इस बार खास थीम

45 फीट ऊंची प्रतिमा की स्थापना डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूथ क्लब और फटासिल अंबारी तेलुगु एसोसिएशन की ओर से संयुक्त रूप से की जा रही है। आयोजकों ने बताया कि स्थानीय समुदाय करीब 40 वर्षों से इस इलाके में गणेश चतुर्थी का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष उत्सव को विशेष रूप देने के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ जुबीन गर्ग को केंद्र में रखकर थीम तैयार की गई है। क्लब के सचिव सीएच गोविंदा ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम असमिया सांस्कृतिक आइकन जुबीन गर्ग को समर्पित है। आयोजन समिति के सदस्य उनके योगदान को याद करते हुए उत्सव के जरिए उन्हें सम्मानित करना चाहते हैं।

बिना प्लास्टिक और सिंथेटिक रंगों के प्रतिमा

आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रतिमा को इको-फ्रेंडली तरीके से तैयार किया है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा बनाने में प्लास्टिक और सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, धार्मिक उत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। बड़ी प्रतिमा और जुबीन गर्ग को समर्पित थीम के कारण इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

14 से 20 सितंबर तक चलेगा उत्सव

तेलुगु एसोसिएशन के सदस्य डीके कामराजू ने बताया कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी उत्सव 14 से 20 सितंबर तक सात दिनों तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन में पूजा-अर्चना के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक, सांसद और मंत्रियों को भी उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है।

14 सितंबर को मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों की तरह असम में भी इस अवसर पर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और उत्सव के अंत में प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। गुवाहाटी के फटासिल अंबारी में 45 फीट की प्रतिमा और जुबीन गर्ग को समर्पित थीम के कारण इस आयोजन के विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

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