वाशिंगटन : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के वित्तीय अनुशासन का हवाला देते हुए विश्व बैंक से रियायती वित्तपोषण का अनुरोध करते हुए कहा है कि उनकी सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपनाने के लिए तैयार है। पटेल ने बुधवार को यहां अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान गुजराती समुदाय के लोगों से बातचीत की, विश्व बैंक में कारोबारी दिग्गजों से मुलाकात की, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा की मेजबानी में दोपहर भोज में हिस्सा लिया और आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र का दौरा किया। उन्होंने विश्व बैंक में एक गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने का फैसला किया है और हम प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं कृषि जैसे क्षेत्रों में इसे तेजी से लागू करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने विश्व बैंक से गुजरात की ‘गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी’ (गिफ्ट सिटी) स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में अपनी मौजूदगी स्थापित करने का भी आग्रह किया। बैठक में गुजरात के मुख्य सचिव एम के दास, गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक एवं समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय कौल, दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के उपाध्यक्ष योहान्स जुट, एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रिकार्डो पुलिती, बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी के उपाध्यक्ष जुनैद कमाल अहमद, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एशिया एवं प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्ण श्रीनिवासन और भारत, बांग्लादेश, भूटान एवं श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने वाले विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के वरिष्ठ सलाहकार हेमांग जानी शामिल हुए।