उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को चमोली जिले में एक टैक्सी गहरी खाई में गिर गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। वहीं, एक दिन पहले मसूरी में भी एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक क्षेत्र में गुरुवार को दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब घेस मार्ग पर चल रही एक टैक्सी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए देवाल अस्पताल भेजा गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गईं।
बुधवार सुबह मसूरी के झड़ीपानी रोड स्थित बार्लोगंज क्षेत्र में भी एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई थी। यहां एक कार नियंत्रण खोकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वाहन तक पहुंचा गया।
कार में सवार चारों लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान सोनीपत निवासी सत्यप्रकाश, मनीत (19 वर्ष), गाजियाबाद नेहरू नगर निवासी सविता और दिल्ली की करोलबाग निवासी संगीता के रूप में हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना से कुछ समय पहले कार सवारों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन ढलान पर खड़ा था और अचानक तेजी से नीचे की ओर बढ़ने लगा।
प्रारंभिक जांच में वाहन के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
इधर अल्मोड़ा में उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस तकनीकी खराबी के कारण हादसे का शिकार होते-होते बच गई। मासी से अल्मोड़ा जा रही रोडवेज बस में द्वाराहाट के पास अचानक क्लच सिस्टम में खराबी आ गई। इसी दौरान बस के नियंत्रण पर असर पड़ने से उसमें सवार 18 यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि चालक ने सूझबूझ और अनुभव का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बस के खराब होने के बाद यात्रियों को काफी देर तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। बाद में उन्हें अन्य वाहनों की मदद से गंतव्य तक भेजा गया।
देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ और गुरुग्राम जैसे लंबी दूरी के रूटों पर चलने वाली बसों की स्थिति को लेकर यात्रियों में चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की तकनीकी फिटनेस और नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।