वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दो टूक कहा कि अगर हमास गाजा पट्टी के लिए प्रस्तावित शांति समझौते पर रविवार शाम 6 बजे तक सहमत नहीं होता है, तो चरमपंथी समूह को और अधिक हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि हमास के साथ रविवार शाम 6 बजे तक समझौता हो जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि हर देश ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं! अगर समझौते के इस आखिरी मौके में सफलता नहीं मिलती है, तो हमास पर ऐसा कहर टूटेगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। पश्चिम एशिया में किसी न किसी तरह से शांति कायम की जाएगी। ट्रंप ने इस हफ्ते की शुरुआत में इजराइल के पीएम नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद गाजा पट्टी में युद्ध समाप्त करने के लिए एक योजना पेश की थी।
अंतराष्ट्रीय पर्यावरणविद ग्रेटा थनबर्ग तथा कई यूरोपीय सांसद इजराइली सेना के पास
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दीर अल बलाह (गाजा पट्टी) : इजराइली घेराबंदी वाले क्षेत्र में गाज़ा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक बड़े जहाज (फ्लोटिला) को इजराइली सैनिकों ने अपने कब्जे में ले लिया है और उसमें सवार जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग तथा कई यूरोपीय सांसदों के निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उन्हें इजराइल ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ‘द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ नामक इस काफिले में लगभग 50 छोटे जहाज शामिल हैं, जिन पर करीब 500 लोग सवार हैं। यह काफिला गाजा के घेराबंदी वाले क्षेत्र में फंसे फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता ले जा रहा था, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं। इस जहाज में अंतराष्ट्रीय पर्यावरणविद ग्रेटा थनबर्ग भी मौजूद थीं। उन्हें भी गिरफ्तार कल लिया है। इस्राइल की इस कार्रवाई से दुनियाभर के देशों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं।
57 फलस्तीनी मारे गए : इस बीच गाजा पट्टी में इजराइली हमलों और गोलीबारी में कम से कम 57 फलस्तीनी मारे गए। इजराइल ने यह हमला ऐसे वक्त किया है जब हमास ने लगभग दो साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है। ट्रंप ने जो योजना पेश की है उसके तहत हमास को सभी 48 बंधकों को वापस करना होगा और सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और लड़ाई समाप्त करने के बदले में सत्ता छोड़नी होगी और निरस्त्रीकरण करना होगा। ट्रंप के इस प्रस्ताव को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार कर लिया है लेकिन इस प्रस्ताव में फलस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देने के बारे में कोई बात नहीं कही गई है। फलस्तीन के लोग चाहते हैं कि युद्ध समाप्त हो जाए लेकिन कई लोगों का मानना है कि ट्रंप की शांति योजना इजराइल के पक्ष वाली हैं। हमास के एक अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा प्रस्ताव की कुछ शर्ते अस्वीकार्य हैं, हालांकि उन्होंने उन शर्तों में बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी। दो प्रमुख मध्यस्थ देशों कतर और मिस्र ने भी कहा कि कुछ मुद्दों पर और बातचीत की आवश्यकता है।