गुवाहाटी : गुवाहाटी विश्वविद्यालय की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी आसिफ अली उर्फ आशिक अली मंगलवार तड़के पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, धारापुर इलाके में आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर हिरासत से भागने की कोशिश की। उसे रोकने के लिए पुलिस टीम ने गोली चलाई, जिससे उसके दाहिने पैर में गोली लगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद आरोपी को तत्काल गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) ले जाया गया। जीएमसीएच के अधीक्षक देवजीत चौधरी के मुताबिक, आरोपी के दाहिने टखने के जोड़ के पास गोली लगने के दो घाव हैं। उसकी हालत स्थिर बताई गई है। पैर पर प्लास्टर लगाया गया है और हड्डी रोग विभाग में उसका उपचार चल रहा है। आरोपी की आठ दिन की पुलिस हिरासत मंगलवार को समाप्त हो रही थी और उसे उसी दिन अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान धारापुर में उसे ले जाते समय उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई।
होमस्टे में मिली थी बेहोश
निमिषा ठाकुरिया समाजशास्त्र की छात्रा थी और धारापुर इलाके की रहने वाली थी। वह 26 सितंबर को अजारा स्थित एक होमस्टे में बेहोशी की हालत में मिली थी। बाद में उसे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) बालिन देउरी ने पहले बताया था कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान दावा किया था कि निमिषा ने होमस्टे में फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
पांच साल के संबंध का दावा
आरोपी के परिवार ने दावा किया है कि आसिफ अली और निमिषा के बीच करीब पांच वर्षों से संबंध थे। छात्रा की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।