सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हरियाणा सरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों के दसवीं और ग्यारवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट और डेटा सिम कार्ड वितरित करने का बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाल ही में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत राज्य सरकार ने लगभग पांच लाख डेटा सिम कार्ड खरीदने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा छात्रों को बिना किसी रुकावट के उच्च स्तरीय इंटरनेट सेवा और डिजिटल अध्ययन सामग्री तक सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए पांच लाख मुफ्त टैबलेट भी बांटे जा रहे हैं। यह सारी आधुनिक सुविधाएं सरकार की महत्वाकांक्षी 'ई-अधिगम' यानी एडवांस डिजिटल हरियाणा इनिशिएटिव विद एडेप्टिव मॉड्यूल्स योजना के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच डिजिटल तकनीक और व्यक्तिगत शिक्षण संस्कृति को मजबूत करना है, ताकि वे आधुनिक युग की तकनीकी जरूरतों के अनुसार अपने कौशल को और अधिक निखार सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरपूर लाभ उठा सकें।
छात्रों में मोबाइल की लत और डिजिटल शिक्षा
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटलीकरण के इस दौर के बीच पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने विद्यार्थियों के बीच मोबाइल फोन और गैजेट्स की बढ़ती लत पर एक गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाल ही में आयोजित एक शैक्षिक कार्यक्रम में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कई छात्र बिना अभिभावकों की जानकारी के देर रात तक फोन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं होती और अगले दिन पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि इससे विद्यार्थियों की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता लगातार कम हो रही है और उनके स्वाभाविक मानसिक विकास में भी बाधा उत्पन्न होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने गुजरात मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि स्कूलों में मोबाइल के इस्तेमाल पर कड़े नियम लागू किए जाने की आवश्यकता है। हालांकि, हरियाणा सरकार अपनी ई-अधिगम योजना के तहत लगातार तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर दे रही है, जबकि पश्चिम बंगाल में पिछली सरकार द्वारा बांटे गए उपकरणों के भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।