लंदन : ब्रिटेन की गृहमंत्री रहते नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण आदेश पर अप्रैल 2021 में हस्ताक्षर करने वाली भारतीय मूल की ब्रिटिश प्रीति पटेल ने कहा है कि वह इस बात से ‘‘स्तब्ध और बेहद चिंतित’’ हैं कि वह अब भी ब्रिटेन में है। पूर्व गृह मंत्री सह विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की ओर से छाया विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने कहा कि भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक में वांछित इस हीरा कारोबारी के प्रत्यर्पण में ब्रिटेन के विफल रहने से भारतीय प्राधिकारी बहुत नाराज हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमारी व्यवस्था प्रक्रियाओं और बहानों में उलझे रहने के बजाय विवेकपूर्ण तरीके से काम कर रही होती और सही कदम उठा रही होती, तो उसे इस देश में नहीं होना चाहिए था। नीरव मोदी को भारत में जेल में होना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद वहीं अपनी सजा काटनी चाहिए, क्योंकि ब्रिटेन के प्रत्यर्पण कानून और संधियां इसी उद्देश्य के लिए हैं।
हीरा कारोबारी नीरव मोदी (55) पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से दो अरब अमेरिकी डॉलर के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में लंदन की जेल में बंद है। उसने ब्रिटेन में उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है और फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ईसीएचआर) में भी अंतिम अपील हार चुका है। ऐसे में उसका प्रत्यर्पण जल्द होने की संभावना जतायी जा रही है। नीरव मोदी भारत में तीन आपराधिक मामलों में वांछित है। इनमें पीएनबी धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), कथित धनशोधन से जुड़ा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला और सीबीआई जांच से जुड़े सबूतों तथा गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों से संबंधित तीसरा मामला शामिल है।