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ICCR स्थापना दिवस पर विदेशी छात्रों ने बिखेरे भारतीय संस्कृति के रंग

कार्यक्रम में राजनयिकों, विद्वानों तथा भारत में अध्ययनरत 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने भाग लिया।

नयी दिल्ली : भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने बृहस्पतिवार को अपना 77 वां स्थापना दिवस दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच मनाया। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, विद्वानों तथा भारत में अध्ययनरत 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने भाग लिया। ऐसे कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक मित्रता की भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अपने संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क दुनिया भर के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए के. नंदिनी सिंगला, महानिदेशक, आईसीसीआर, ने कहा कि परिषद विश्व भर में भारतीय संस्कृति के प्रसार तथा शिक्षा, कला और सांस्कृतिक सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समझ को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

पहले सत्र में श्रीलंका, दक्षिण सूडान और इंडोनेशिया के छात्रों द्वारा रंगारंग लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने वैश्विक सांस्कृतिक समन्वय की भावना को प्रदर्शित किया। दूसरे सत्र में प्राचीन कला केंद्र के विदेशी छात्रों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य और लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं, जो भारतीय कलात्मक परंपराओं की समृद्धि को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “आदि शक्ति” शीर्षक से प्रस्तुत नृत्य नाटिका रही, जिसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति सांस्कृतिक एकता और साझा विरासत की शक्ति का प्रतीक थी। आईसीसीआर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. राजेश रंजन ने देश विदेश के अतिथियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह समारोह यादगार बना। उन्होंने कहा आईसीसीआर स्थापना दिवस समारोह भारत की सांस्कृतिक संवाद की परंपरा और कला व संस्कृति के माध्यम से वैश्विक मित्रता को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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