सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : भारतीय जनता पार्टी की अंडमान एवं निकोबार इकाई में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब वार्ड नंबर-6 के पार्षद अज़ीज़ उल रहमान ने पार्टी से अपने कथित निलंबन के बाद आज आयोजित एक लंबी प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया को संबोधित करते हुए अज़ीज़ उल रहमान ने कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही कोई स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपने निलंबन की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने हालिया नगर परिषद एवं जिला परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा नेतृत्व को चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से हुए थे, इसलिए यह दावा करना कि किसने किसे वोट दिया, स्वयं चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
अज़ीज़ उल रहमान ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर लंबे समय से उन्हें निशाना बनाया जा रहा था तथा कुछ नेता उनकी बढ़ती लोकप्रियता और जनसंपर्क से असहज थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में अल्पसंख्यक नेताओं को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल तिवारी के नेतृत्व को “पूरी तरह विफल” बताते हुए हाल के विभिन्न चुनावों में पार्टी की हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद, जिला परिषद तथा अन्य स्थानीय चुनावों में भाजपा को लगातार हार का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान नेतृत्व के कारण पार्टी के कई कार्यकर्ता और युवा समर्थक संगठन से दूरी बना चुके हैं।
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर अज़ीज़ उल रहमान ने कहा कि फिलहाल उनका किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है और वे स्वतंत्र रूप से जनता की सेवा जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता वार्ड नंबर-6 तथा द्वीपसमूह की जनता की समस्याओं को उठाना है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जल संकट, युवाओं के मुद्दे, द्वीपों के विकास तथा ग्रेट निकोबार परियोजना जैसे विषयों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि द्वीपों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को पार्टी के भीतर खुलकर उठाने का माहौल नहीं था।
हालांकि विवाद के बीच अज़ीज़ उल रहमान ने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान है, लेकिन उनकी नाराजगी स्थानीय प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर है।