काठमांडू : नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के किनारे आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में मकान, सड़कें और पुल ध्वस्त नजर आ रहे हैं, जबकि कई इलाकों में मिट्टी, चट्टानों और मलबे की मोटी परत जमा हो गई है। रसुवा के तिमुरे और रसुवागढ़ी इलाके में भोटे कोशी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित रसुवागढ़ी सीमा चौकी भी बाढ़ की चपेट में आई। नुवाकोट के त्रिशूली बाजार और आसपास के इलाकों में तबाही का मंजर बेहद भयावह है। करीब 60 मकान बह गए, जबकि त्रिशूली नदी पर बने दो मोटर वाहन पुल भी बाढ़ में बह गए। पास के देवीघाट क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा किया। उन्होंने बट्टार बाजार स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर बाढ़ से बने हालात और जारी राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 पुल, 45 झूला पुल और लगभग 40 किलोमीटर पक्की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। बाढ़ से 389 लोगों की मौत हो गई है जबकि 250 से अधिक लापता बताए जा रहे हैं।
प्रियजनों की तलाश में सैकड़ों लोग अस्पतालों के बाहर एकत्र
नेपाल में अचानक आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने प्रियजनों की तलाश में बृहस्पतिवार को अस्पतालों के बाहर एकत्र हो गए। महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में सैकड़ों लोग अपने उन रिश्तेदारों की तलाश में जुटे थे, जिनसे बुधवार को संपर्क नहीं हो पाया था। अधिकारियों ने अस्पताल लाए गए लोगों की सूचियां जारी की थीं, ताकि परिजन यह पता लगा सकें कि उनके प्रियजन बचाए गए लोगों में शामिल हैं या अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अस्पताल में मृत लोगों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई। सैकड़ों लोग रोते- बिलखते अस्पताल पहुंच अपने रिश्तेदारों की खोजबीन कर रहे हैं।
40 से अधिक निजी हेलीकॉप्टरों ने भरी उड़ान
रसुवा सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 40 से अधिक निजी हेलीकॉप्टरों ने बृहस्पतिवार को काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन उड़ानों का समन्वय और प्रबंधन नेपाली सेना ने किया। हवाई अड्डे पर तैनात सेना की 14वीं बटालियन राहत सामग्री संग्रह केंद्र से निजी हेलीकॉप्टरों तक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की निगरानी कर रही है। काठमांडू हवाई अड्डा कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अपराह्न दो बजे तक 40 से अधिक निजी हेलीकॉप्टरों की उड़ानें पूरी हो चुकी थीं जबकि 20 से अधिक हेलीकॉप्टर हवाई अड्डे पर तैयार खड़े थे।
बांध बनी झील से नया खतरा
चीन के अधिकारियों ने ग्यिरोंग में भूस्खलन से ऊपर बनी एक झील से नए खतरे की चेतावनी दी है। सरकारी जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा था और वह पहले से ही overflow हो रही थी। अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी झील में पहुंचने का अनुमान है। इससे झील के टूटने का खतरा बढ़ गया है और इसका चरम बहाव करीब 1 सितंबर को होने की आशंका है।
चीन के प्रधानमंत्री ने किया दौरा
चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को तिब्बत में नेपाल सीमा चौकी के पास ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा किया, जहां भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है और 360 लोग लापता हैं। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग टाउनशिप में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास स्थित गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई। प्रधानमंत्री ली क्विंग संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ के एक दल को बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया।