बाढ़ प्रभावित इलाके से लोगों को हेलिकॉप्टर में ले जाते सेना के जवान 
देश/विदेश

नेपाल में बाढ़: बचाव अभियान जारी रहने के बीच 163 विदेशियों समेत करीब 2,500 लोगों को निकाला गया

600 से अधिक लोगों की मौत, 2000 लोगअभी भी लापता

काठमांडू : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी तलाश एवं राहत अभियानों के तहत बचाव टीम ने फंसे 163 विदेशियों सहित लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। इस आपदा में 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कारण जनहानि के साथ-साथ मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता हैं। खोज एवं बचाव अभियानों के लिए नेपाल सेना के 5,000 से अधिक जवानों सहित 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। नेपाल सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, अब तक 163 विदेशी नागरिक समेत 2,465 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इन विदेशियों में 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, चार जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो तथा ओमान का एक नागरिक शामिल हैं। निदेशालय ने बताया कि त्रिशूली और रसुवा की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 श्रमिकों को निकाला गया। सुरक्षित निकाले गए लोगों में से 2,265 को हेलीकॉप्टर के माध्यम से, जबकि 200 लोगों को जमीनी रास्तों से बाहर लाया गया। धुंचे और त्रिशूली में स्थापित आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्रों में बाढ़ प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए 1,706 लोगों को अब तक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। इस बीच, नेपाल पुलिस ने एक सूचना में बताया कि राजधानी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख जमीनी मार्ग, मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग शनिवार को फिर से चालू हो गया। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण यह रास्ता बुधवार से बंद था। स्थिति का आकलन करने के बाद राजमार्ग पर आवागमन फिर से शुरू कर दिया गया है और वाहनों को धीरे-धीरे उनके गंतव्य की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है। इससे कई दिनों से राजमार्ग पर फंसे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

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