ट्रेनिंग दे रहे पायलट लिएंड्रो एंड्रेस बर्टाजो की फाइल फोटो 
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उड़ते विमान से फ्लाइट इंस्ट्रक्टर ने लगाई छलांग, ट्रेनी से कहा तुम्हें पता है अब क्या करना है...

उड़ान के बीच इंस्ट्रक्टर की रहस्यमय छलांग से हड़कंप, अचानक जिम्मेदारी संभालने को मजबूर हुई 22 साल की ट्रेनी पायलट

अर्जेंटीना इस समय फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के जश्न में डूबा हुआ है, लेकिन इसी बीच वहां से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर आई है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। एक ट्रेनी पायलट को आसमान में उड़ान के गुर सिखा रहा मुख्य पायलट अचानक उड़ते हुए विमान का दरवाजा खोलकर नीचे कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

दिल दहला देने वाली बात यह है कि जब पायलट ने यह आत्मघाती कदम उठाया, तब वह विमान में अकेला नहीं था। उसने अपनी उस महिला स्टूडेंट को आसमान में अकेला छोड़ दिया, जो अभी ठीक से प्लेन उड़ाना सीखी भी नहीं थी। जरा सोचिए, आप जमीन से हजारों फीट ऊपर आसमान में हों, कॉकपिट में बैठकर अभी सिर्फ ट्रेनिंग ले रहे हों, और तभी आपका इंस्ट्रक्टर यानी गुरु ही दरवाजा खोलकर नीचे छलांग लगा दे।

मुख्य पायलट के कूदने के बाद विमान में सवार महिला स्टूडेंट पूरी तरह घबरा गई थी। लेकिन उसने अपनी जान बचाने के लिए गजब का हौसला दिखाया। उसने तुरंत रेडियो कंट्रोल के जरिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और रोते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगाई।एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने रेडियो पर बेहद शांत रहकर उस सहमी हुई स्टूडेंट को स्टेप-बाय-स्टेप निर्देश दिए। लड़की ने उन निर्देशों का पालन करते हुए सूझबूझ दिखाई और आखिरकार विमान की सफल इमरजेंसी लैंडिंग कराने में कामयाब रही, जिससे उसकी जान बच गई। पायलट ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। विमानन अधिकारी इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या फ्लाइट टेक-ऑफ करने से पहले दोनों के बीच कोई विवाद हुआ था या पायलट किसी गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था।

तुम्हें पता है अब क्या करना है....

अर्जेंटीना के टोलेडो से सामने आई इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। यह खौफनाक वाकया शनिवार को मध्य अर्जेंटीना में तब हुआ जब 42 साल के फ्लाइट इंस्ट्रक्टर लिएंड्रो एंड्रेस बर्टाजो एक सेसना 150 विमान में अपनी 22 साल की छात्रा रोसारियो के साथ उड़ान पर थे। आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर ट्रेनर बर्टाजो ने अचानक अपनी छात्रा की तरफ देखा और बेहद ठंडे लहजे में कहा, "तुम्हें पता है कि क्या करना है, आगे बढ़ो।" इन आखिरी शब्दों को बोलने के तुरंत बाद उन्होंने अपना हेडसेट उतारा, सीटबेल्ट खोली और विमान का दरवाजा खोलकर सीधे नीचे मौत की खाई में छलांग लगा दी। बाद में उनका शव बरामद किया गया।

इस घटना ने फ्लाइंग स्कूल 'फ्लाइंग पैरट कॉर्डोबा' के अधिकारियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है, जहां बर्टाजो काम करते थे। स्कूल के डायरेक्टर एडुआर्डो अल्वारेज ने साफ किया है कि टेक-ऑफ से पहले बर्टाजो के व्यवहार में ऐसा कोई संकेत या बदलाव नहीं था जिससे यह अंदेशा भी हो कि वे ऐसा कोई आत्मघाती कदम उठाने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हवा के भारी दबाव के बीच उड़ते हुए प्लेन का दरवाजा खोलना कोई मामूली बात नहीं है। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे कोई 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती कार का दरवाजा खोलने की कोशिश करे, यानी बर्टाजो ने इसके लिए पूरा जोर लगाया था।

इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम के बीच सबसे राहत की बात यह रही कि महज 22 साल की छात्रा रोसारियो ने गहरे सदमे और घबराहट में होने के बावजूद गजब का हौसला दिखाया। उसने न सिर्फ खुद को संभाला बल्कि विमान को बिना खरोंच आए बिल्कुल सुरक्षित लैंड करा लिया। विमान पूरी तरह सुरक्षित है और रोसारियो की जान भी बच गई है, लेकिन पायलट लिएंड्रो एंड्रेस बर्टाजो ने ऐसा कदम क्यों उठाया और उस आखिरी वाक्य का असल मतलब क्या था, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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