गेलेफू : भूटान का गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (जीएमसी) बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की तैयारी में है। इसके तहत एक अक्टूबर से फैमिली ऑफिस, निवेश फंड और पेशेवर फंड मैनेजरों को नए नियमों के तहत कारोबार शुरू करने की अनुमति होगी। जीएमसी प्राधिकरण के अनुसार, नियमों को सरल और प्रक्रिया को तेज रखा गया है।जीएमसी अथॉरिटी के सह-सीईओ पांग यी ईन ने कहा कि गेलेफू में वेल्थ मैनेजमेंट की शुरुआत वहां विकसित किए जा रहे आर्थिक ढांचे का स्वाभाविक विस्तार है। उनके मुताबिक, इस क्षेत्र से आने वाली पूंजी का इस्तेमाल भूटान में उद्यमिता, नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में किया जा सकेगा।
फैमिली ऑफिस और निवेश फंड शेयर, संपत्ति, डिजिटल परिसंपत्तियों और कमोडिटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर सकेंगे। जीएमसी के वित्तीय नियामक गेलेफू फाइनेंशियल सर्विसेज ऑफिस (जीएफएसओ) को केवल अपनी गतिविधियों की जानकारी देनी होगी। कम से कम एक करोड़ डॉलर की परिसंपत्तियां रखने वाले फैमिली ऑफिस निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्वतः कर लाभ के पात्र होंगे और अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।
भारतीय निवेशकों के लिए आसान प्रक्रिया
जीएमसी अथॉरिटी के अनुसार भारत उन छह न्यायक्षेत्रों में शामिल है, जिन्हें जीएफएसओ फंड प्रबंधन के लिए मान्यता देता है। इसके तहत भारतीय लाइसेंस प्राप्त फंड मैनेजर, जिसमें जीआईएफटी सिटी के प्रबंधक और सेबी-पंजीकृत एआईएफ मैनेजर तथा पीएमएस शामिल हैं, अलग जीएमसी लाइसेंस के बिना वहां स्थापित फंड का प्रबंधन कर सकेंगे। भारतीय फैमिली ऑफिस के लिए प्रवेश सीमा एक करोड़ डॉलर एयूएम रखी गई है। स्थानीय परियोजनाओं में पूंजी लगाना अनिवार्य नहीं होगा। फंड से जुड़ी कर छूट उसकी अवधि तक, जबकि फैमिली ऑफिस की छूट अधिकतम 15 साल तक लागू होगी। जीएमसी के अनुसार, मान्यता प्राप्त देश में पहले से लाइसेंस प्राप्त फंड मैनेजरों के लिए अलग लाइसेंस के बजाय नो-ऑब्जेक्शन प्रक्रिया होगी और जीएफएसओ चार सप्ताह में जवाब देगा। पूर्ण जीएमसी लाइसेंस चाहने वाले फंड मैनेजरों को सामान्यतः दो से तीन महीने में निर्णय मिलने की उम्मीद है।