तालिन : एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यूक्रेन को 155 मिमी तोप के गोले उपलब्ध कराने के लिए हुए 7 करोड़ यूरो (करीब 770 करोड़ रुपये) के विवादित हथियार सौदे की राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा। यह सौदा यूरोपीय संघ की ‘यूरोपियन पीस फैसिलिटी’ (ईपीएफ) के तहत मिलने वाली राशि से किया गया था। इसका ठेका इटली में पंजीकृत एक कंपनी को मिला था, जिसका स्वामित्व एक भारतीय रक्षा कंपनी के पास है। बाद में गोला-बारूद की आपूर्ति में देरी और उसकी गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के कारण यह सौदा राजनीतिक और कानूनी विवाद में घिर गया। जुलाई 2022 से रक्षा मंत्री रहे पेवकुर एस्टोनिया के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले कैबिनेट मंत्री थे। राष्ट्रीय लेखा परीक्षा कार्यालय की आलोचनात्मक रिपोर्ट के बाद उन्होंने इस्तीफे की घोषणा की। इस्तीफे की घोषणा करते हुए पेवकुर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘एस्टोनिया की सुरक्षा किसी एक व्यक्ति की परियोजना नहीं है। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है। इसलिए आज मुझे पूरे रक्षा क्षेत्र की राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी होगी।’’ विवाद की शुरुआत 2024 में एस्टोनियन सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स (ईसीडीआई) द्वारा किए गए करार से हुई।