सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम: अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पर्यटन बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने यह गंभीर चिंता जताई है कि कई बार पर्यटक द्वीपों पर रहते हुए चिकित्सा आपात स्थितियों का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन फर्स्ट एड किट की कमी पाई गई है। इस कमी के कारण, किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या या चोट की स्थिति में पर्यटकों को तत्काल उपचार उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे जटिलताएँ बढ़ सकती हैं।
प्रशासन ने होटल और होमस्टे संचालकों को सलाह दी है कि वे अपने आवासीय प्रतिष्ठानों में आवश्यक फर्स्ट एड किट की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इनमें प्राथमिक उपचार की दवाइयाँ, प्लास्टर, बैंडेज, एंटीसेप्टिक लोशन, दर्द निवारक और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल होने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा भी बढ़ाएगा।
इसके अलावा, प्रशासन ने होटल स्टाफ और होमस्टे कर्मचारियों को फर्स्ट एड और आपातकालीन स्थिति में आवश्यक कदम उठाने का प्रशिक्षण लेने की भी सलाह दी है। प्रशिक्षित कर्मचारियों के होने से न केवल मामूली चोट या रोग की स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी, बल्कि गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुँचाने तक की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
स्थानीय पर्यटन अधिकारी कहते हैं कि द्वीपों पर चिकित्सा सुविधाएँ सीमित हैं और कभी-कभी गंभीर चोट या बीमारी में पर्यटकों को मुख्य द्वीप या कंटिनेंटल अस्पताल तक पहुँचने में समय लग सकता है। ऐसे में होटल-होमस्टे में फर्स्ट एड किट की मौजूदगी जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
अधिकारी यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि यह केवल सुरक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने और विश्वसनीय अनुभव प्रदान करने का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। होटल और होमस्टे संचालकों से आग्रह किया गया है कि वे इस दिशा में तात्कालिक कदम उठाएँ और अपने प्रतिष्ठानों में आवश्यक फर्स्ट एड किट की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
इस पहल से पर्यटक निश्चिंत रह सकेंगे कि किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में उन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी, जिससे अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पर्यटन का अनुभव और भी सुरक्षित और सुखद बनेगा।