बुनिया (कांगो) : कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार भयावह होता जा रहा है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इबोला संक्रमण से अब तक 930 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 24 घंटे में 37 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो इस प्रकोप के दौरान एक दिन में हुई सबसे अधिक मौतों में शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शनिवार तक इबोला के 2,344 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी। 15 मई को पूर्वी कांगो में घोषित यह इबोला प्रकोप अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप माना जा रहा है। वर्तमान में 724 मरीज अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती हैं। इबोला संक्रमण की चपेट में आने वाले 36 स्वास्थ्यकर्मियों की भी मौत हो चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में उपचार और नियंत्रण अभियान तेज कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 22 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, जिससे उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इस बार संक्रमण बुंडीबुग्यो वायरस के कारण फैल रहा है, जिसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है।
अब तक पूर्वी कांगो के पांच प्रांत इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं, जहां पहले से ही विद्रोही हिंसा का माहौल बना हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, मई के मध्य में प्रकोप घोषित होने के बाद से स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा टीमों पर 12 हमले हो चुके हैं। इनमें अधिकांश हमले बीमारी को लेकर फैली अफवाहों और लोगों की शंकाओं के कारण हुए। वहीं, वेतन नहीं मिलने के विरोध में कई स्वास्थ्यकर्मियों ने काम भी छोड़ दिया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले सप्ताह चिंता जताई थी कि 80 प्रतिशत नए मामले ऐसे संक्रमण स्रोतों से सामने आ रहे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। इससे संकेत मिलता है कि वायरस स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी और नियंत्रण क्षमता से अधिक तेजी से फैल रहा है।
जंगली जानवरों से इंसानों में फैल सकती है बीमारी
इबोला एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो जंगली जानवरों से इंसानों में फैल सकती है। इसके बाद यह संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, वीर्य जैसे शारीरिक द्रवों या संक्रमित कपड़ों और बिस्तरों के संपर्क में आने से दूसरे लोगों तक पहुंचती है। यह बीमारी दुर्लभ होने के बावजूद बेहद गंभीर और अक्सर जानलेवा साबित होती है। सबसे अधिक प्रभावित इतुरी प्रांत में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।