सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : पर्यटन निदेशालय, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा लगभग 100 भावी टूर गाइड और इको टूर गाइड के लिए बैरन द्वीप का एक शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। ये प्रतिभागी 9 से 20 मार्च 2026 तक आयोजित 12 दिवसीय टूर गाइड और इको टूर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसे पर्यटन विभाग द्वारा भुवनेश्वर स्थित भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी वाले भू-धरोहर स्थल बैरन द्वीप का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को भू-धरोहर व्याख्या, समुद्री पर्यटन और क्रूज आधारित दर्शनीय पर्यटन के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस दौरान आईआईटीटीएम के संसाधन विशेषज्ञ डॉ. स्वजन श्रीयोन और डॉ. एन. सुब्रमणियम ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। दोनों प्रोफेसरों ने सक्रिय ज्वालामुखी के भूवैज्ञानिक महत्व, इको-टूरिज्म व्याख्या और विशिष्ट प्राकृतिक धरोहर स्थलों पर पर्यटकों के प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षुओं को क्रूज पर्यटन संचालन और दूरस्थ द्वीपों के पर्यटन आकर्षणों की व्याख्या के बारे में भी प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। पर्यटन विभाग ने बताया कि इस प्रकार के क्षेत्रीय अध्ययन और व्यावहारिक अनुभव प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इससे भावी टूर गाइडों को व्यावहारिक ज्ञान, व्याख्या कौशल और द्वीपों के विविध प्राकृतिक एवं समुद्री पर्यटन संसाधनों की गहन समझ विकसित करने में सहायता मिलती है।यह पहल स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित पर्यटन गाइडों का एक सक्षम समूह तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो द्वीपों की विशिष्ट भू-धरोहर और इको-टूरिज्म स्थलों को पर्यटकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे और साथ ही जिम्मेदार तथा सतत पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।