सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : वार्ड संख्या-6 के पार्षद अज़ीज़-उर-रहमान ने वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल तिवारी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित ऑडियो क्लिप ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। 24 जून को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्षद ने कहा कि कथित बातचीत, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल तिवारी तथा भाजपा नेता अंशुमान रॉय के शामिल होने का दावा किया जा रहा है, स्वास्थ्य रेफरल प्रणाली के संचालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है और पूरे मामले में पारदर्शिता आवश्यक है। वायरल ऑडियो क्लिप का उल्लेख करते हुए अज़ीज़-उर-रहमान ने आरोप लगाया कि उसमें अस्पताल से जुड़ी सेवाओं से संबंधित एक कथित "व्यवसाय" के विस्तार पर चर्चा किए जाने के संकेत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह ऑडियो रिकॉर्डिंग वास्तविक है तो यह अत्यंत गंभीर जनहित का विषय है। उन्होंने मांग की कि अनिल तिवारी 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दें अथवा सार्वजनिक रूप से इस पूरे मामले पर अपना स्पष्ट पक्ष रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो विभिन्न राजनीतिक दलों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, ट्रेड यूनियनों तथा अनेक सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्षद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की तथा अनुरोध किया कि इस विषय को भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व जनता की चिंताओं का समाधान करने में विफल रहा है तथा तिवारी पर व्यक्तिगत हितों को जनहित से ऊपर रखने का आरोप लगाया। अज़ीज़-उर-रहमान ने इस विवाद को जी.बी. पंत अस्पताल की स्थिति से भी जोड़ते हुए आरोप लगाया कि आज भी अनेक मरीजों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि विशेष उपचार के लिए मरीजों को मजबूर होकर मुख्य भूमि (मेनलैंड) जाना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि मेडिकल रेफरल के दौरान मरीजों के परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है और प्रशासन को द्वीपों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना चाहिए, ताकि लोगों को उपचार के लिए केंद्र शासित प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता पर इतने गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो पार्टी कार्यकर्ताओं को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करने का आग्रह किया तथा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की।
अपने संबोधन के अंत में अज़ीज़-उर-रहमान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि इस विवाद से जनता का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, ट्रेड यूनियनों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी के साथ बड़े स्तर पर जन आंदोलन आयोजित किया जाएगा। भाजपा नेता अंशुमान रॉय इससे पहले वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े आरोपों का खंडन कर चुके हैं। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो एडिट किया गया है, उसे संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया है तथा उसका किसी भी अस्पताल रेफरल व्यवसाय से कोई संबंध नहीं है। वहीं, अज़ीज़-उर-रहमान द्वारा दिए गए ताजा बयानों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल तिवारी की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक भाजपा की प्रदेश इकाई की ओर से मीडिया को कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी जारी नहीं की गई है।