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चेन्नई से अंडमान पार्सल छेड़छाड़ मामले में व्यापक जांच की मांग

बार-बार हो रही घटनाओं पर पूर्व प्रमुख ने जताई चिंता

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मायाबंदर के पूर्व प्रमुख अब्दुल सिद्दीक ने इंडिया पोस्ट नेटवर्क के माध्यम से भेजे जा रहे पार्सलों के साथ कथित छेड़छाड़ तथा उनमें रखे सामान की चोरी की घटनाओं की गहन जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए भेजे जाने वाले पार्सलों के साथ यात्रा के दौरान बार-बार कथित रूप से छेड़छाड़ किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों का डाक व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो रहा है। सिद्दीक ने कहा कि भारतीय डाक सेवा के माध्यम से भेजे जाने वाले व्यक्तिगत उपयोग तथा लॉजिस्टिक संबंधी सामान वाले पार्सलों को कथित रूप से रास्ते में खोला जा रहा है और उनमें रखी मूल्यवान वस्तुएं डिलीवरी से पहले ही निकाल ली जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा डाक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि चेन्नई से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए भेजा गया एक पार्सल अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले यात्रा के दौरान कथित रूप से छेड़छाड़ का शिकार हुआ। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है कि पार्सल के परिवहन की किस कड़ी में उसके साथ छेड़छाड़ हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था तथा ऐसी घटनाएं आखिर किस प्रकार लगातार हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह कोई एकमात्र घटना नहीं है, बल्कि अतीत में भी अनेक ग्राहकों द्वारा इस प्रकार की शिकायतें बार-बार सामने लाई गई हैं। उनके अनुसार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति अब गंभीर जनहित का विषय बन चुकी है, जिसके मद्देनजर सक्षम अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराई जाना आवश्यक है। सिद्दीक ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि चेन्नई से द्वीपों तक पार्सलों के संपूर्ण परिवहन मार्ग की जांच कर यह पता लगाया जाए कि कथित छेड़छाड़ किस स्थान पर हुई, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुधारात्मक एवं निवारक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि पार्सलों के साथ कथित चोरी अथवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के उद्देश्य से व्यापक जांच कराई जाए। उन्होंने आगे कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने से डाक व्यवस्था में आम जनता का विश्वास पुनः स्थापित होगा तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

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