सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम - दक्षिण अंडमान जिला पुलिस ने आव्रजन और विदेशी नागरिकों से संबंधित जिम्मेदारियों को संभालने वाले पुलिस कर्मियों की पेशेवर क्षमता और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक श्री विजयपुरम स्थित दक्षिण अंडमान जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में पांच दिवसीय ‘बंदरगाह आव्रजन प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 31 अगस्त 2026 को दक्षिण अंडमान जिले की पुलिस अधीक्षक एवं विदेशी नागरिक पंजीकरण अधिकारी श्वेता के. सुगाथन ने किया। यह कार्यक्रम ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, चेन्नई के अनुभवी अधिकारियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका विशेष उद्देश्य बंदरगाहों पर आव्रजन संबंधी कार्यों में शामिल पुलिस कर्मियों को व्यावहारिक और परिचालन संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आव्रजन से संबंधित जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए केवल नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक समझ, पेशेवर दक्षता और क्षेत्रीय स्तर पर समन्वित कार्यान्वयन भी आवश्यक है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विदेशी चालक दल के सदस्यों और जहाजों से संबंधित आव्रजन औपचारिकताओं को व्यवस्थित, कुशल, एकरूप और कानून के अनुरूप पूरा करने के महत्व पर जोर दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर एवं मध्य अंडमान तथा निकोबार जिलों के कुल 20 पुलिस कर्मियों के साथ दक्षिण अंडमान जिले की आव्रजन एवं विदेशी शाखा के कर्मचारी भी भाग ले रहे हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर देना है। इसमें शामिल पुलिस कर्मियों को बंदरगाह आव्रजन संचालन के विभिन्न पहलुओं का प्रत्यक्ष व्यावहारिक अनुभव दिया जा रहा है, जिससे वे प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें और बाद में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय इस जानकारी को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।
इस व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से दक्षिण अंडमान जिला पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन जिम्मेदारियों के लिए नियुक्त कर्मी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं की पहचान करने, आव्रजन औपचारिकताओं को आत्मविश्वास के साथ पूरा करने तथा परिचालन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए बेहतर रूप से तैयार रहें।
यह पहल अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न जिलों से पुलिस कर्मियों को एक साथ लाकर अंतर-जिला समन्वय और प्रक्रियाओं के मानकीकरण को भी मजबूत करने का प्रयास है। प्रशिक्षित कर्मियों का एक सक्षम समूह तैयार होने से पूरे द्वीप समूह के बंदरगाहों पर आव्रजन संबंधी कार्यों को अधिक बेहतर तरीके से संभालने और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।