सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य सचिवालय तथा राज्य आयोजन समिति की दो दिवसीय बैठकें 20 एवं 21 जून, 2026 को पोर्ट ब्लेयर स्थित शहीद भवन, अनारकली में आयोजित की गईं। इन बैठकों में पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के प्रभारी के. बालकृष्णन विशेष रूप से उपस्थित रहे। पार्टी के राज्य सचिव डी. अय्यप्पन ने द्वीपों में पार्टी की गतिविधियों और कार्यप्रणाली पर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि बैठक की अध्यक्षता प्रजीत कुमार सरकार ने की। पोलित ब्यूरो सदस्य ने 22 से 24 मई, 2026 के दौरान नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय समिति की बैठक में पारित प्रस्तावों एवं निर्णयों की जानकारी भी दी। 22 जून को आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री डी. अय्यप्पन ने बताया कि राज्य सचिवालय एवं राज्य आयोजन समिति की बैठकों में यह निर्णय लिया गया है कि पार्टी और उसके जनसंगठन अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में साम्राज्यवाद विरोधी अभियान चलाएंगे, जिसमें विशेष रूप से क्यूबा के संदर्भ को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने क्यूबा के विरुद्ध प्रतिबंधों, सैन्य धमकियों और उकसावे वाली कार्रवाइयों को तेज कर दिया है, जिससे वहां के लोगों की कठिनाइयां और बढ़ गई हैं। सीपीआई(एम) ने निर्णय लिया है कि वह विभिन्न मंचों के माध्यम से अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों को उजागर करेगी। श्री अय्यप्पन ने कहा कि पार्टी ने द्वीपों के प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में विशेष रूप से मनरेगा श्रमिकों को संगठित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर जॉब कार्ड धारकों से संपर्क करेंगे तथा उन्हें नव शुरू की गई वीबी जी-रैम योजना के संभावित प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में पार्टी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे द्वीपसमूह में अभियान चलाएगी। इन मुद्दों में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि, बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नौका सेवाओं की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति तथा अत्यधिक हवाई किराया शामिल हैं। सीपीआई(एम) की राज्य आयोजन समिति की बैठक में 1 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 तक पार्टी फंड संग्रह अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है। इस एक माह की अवधि के दौरान घर-घर जाकर चंदा संग्रह किया जाएगा। पार्टी ने द्वीपवासियों से उदारतापूर्वक सहयोग करने की अपील की है ताकि वह द्वीपवासियों के विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष जारी रख सके। बैठक में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि द्वीपों में विभिन्न वर्गों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार यहां के कॉलेजों को नवगठित डीम्ड यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। पार्टी का मानना है कि इससे वर्तमान विद्यार्थियों और भावी पीढ़ियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सीपीआई(एम) ने मांग की कि सभी सातों कॉलेजों की संबद्धता पांडिचेरी विश्वविद्यालय से ही बरकरार रखी जाए। राज्य आयोजन समिति की बैठक में द्वीपों के किसानों की समस्याओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। पार्टी ने किसानों के बीच अलग से अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा राज्य सचिवालय और राज्य आयोजन समिति ने कहा कि विश्वभर के पर्यावरणविदों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं की अनदेखी करते हुए मोदी सरकार ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को आगे बढ़ा रही है, जो चिंता का विषय है।