कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बताया कि अब मीडिया और जनता के बीच संवाद की जिम्मेदारी सौरव दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका संभालेंगे।
पार्टी के अनुसार, खोजी पत्रकार सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। वहीं राजनीतिक शोधकर्ता, लेखिका और फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीजेपी का कहना है कि वह देश में राजनीतिक संवाद और जनभागीदारी के नए मॉडल को बढ़ावा देना चाहती है। पार्टी का दावा है कि युवा और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले लोगों को नेतृत्व में शामिल कर वह राजनीति में नए विचारों और दृष्टिकोण को जगह देना चाहती है।
सौरव दास पत्रकारिता के क्षेत्र में कानूनी, न्यायिक और सामाजिक विषयों पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पार्टी का दावा है कि वर्ष 2025 में प्रदूषण के मुद्दे पर हुए एक प्रमुख जनआंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी।
विजेता दहिया शोध आधारित डिजिटल कंटेंट, लेखन और फिल्म निर्माण से जुड़ी रही हैं। उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तकें लिखी हैं और क्षेत्रीय सिनेमा में भी रचनात्मक योगदान दिया है।
वहीं आशुतोष रांका ने आईआईटी कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त की है। वे अंतरराष्ट्रीय परामर्श क्षेत्र में काम कर चुके हैं और हाल के वर्षों में पर्यावरण तथा युवा जागरूकता अभियानों से जुड़े रहे हैं।
पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया अभियान के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वे 6 जून को भारत लौटेंगे। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक सोशल मीडिया अभियान के रूप में हुई थी। यह अभियान उस विवाद के बाद चर्चा में आया जब बेरोजगारी से जुड़े मुद्दे पर की गई एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके बाद अभिजीत दीपके ने इस नाम से एक जन-अभियान शुरू किया, जिसने धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
पार्टी का दावा है कि उसका उद्देश्य युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों की आवाज को संगठित रूप से सामने लाना और राजनीतिक विमर्श में नए मुद्दों को जगह दिलाना है।