सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक तरफ जहां वैश्विक स्तर के 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की भव्य तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ यूजीसी-नेट की दोबारा परीक्षा आयोजित होने जा रही है। भारत मंडपम में आगामी 11 से 13 सितंबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मेलन के मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसके चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन के रूट में बदलाव के संकेत दिए हैं। इसी बीच, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट की री-एग्जामिन प्रक्रिया 9 और 10 सितंबर को निर्धारित की गई है, जिससे परीक्षार्थियों के मन में आवागमन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ब्रिक्स सम्मेलन से सीधे प्रभावित होने वाले या वीवीआईपी आवाजाही वाले प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी परीक्षा केंद्र को नहीं बनाया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े, फिर भी शहरभर में व्यापक सुरक्षा घेरे और डायवर्जन के कारण भारी ट्रैफिक जाम लगने की पूरी संभावना है।
एनटीए की खास गाइडलाइंस और उम्मीदवारों के लिए सलाह
परीक्षा के दौरान दिल्ली की सड़कों पर संभावित ट्रैफिक और सुरक्षा पाबंदियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सभी उम्मीदवारों के लिए विशेष दिशा-निर्देश और जरूरी सलाह जारी की है। एजेंसी ने परीक्षार्थियों को आगाह किया है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रत्याशित देरी से बचने के लिए अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर तय समय से काफी पहले ही घर से निकल जाएं। इसके अलावा, छात्रों को यह भी सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ताजा अपडेट और वैकल्पिक रूट की गाइडलाइंस का नियमित रूप से जायजा लेते रहें, ताकि वे जाम से बचकर सही समय पर केंद्र पहुंच सकें। एडमिट कार्ड पर अंकित रिपोर्टिंग समय का सख्ती से पालन करना इस स्थिति में बेहद अनिवार्य कर दिया गया है ताकि कड़े सुरक्षा जांच और मार्ग परिवर्तन जैसी बाधाओं के बावजूद छात्र मानसिक तनाव से मुक्त होकर अपनी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से दे सकें।