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चुनावी दौर में ठप पड़े महानगर के सिनेमा हॉल

नयी रिलीज नहीं, हॉल मालिकों की बढ़ी चिंता

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल में विधानसभा चुनावी माहौल के बीच राज्य के कई सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। बड़े बजट की नयी बांग्ला फिल्मों की रिलीज टल जाने से दर्शकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिसके कारण कई हॉलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लेना पड़ा है।

बेहला के अजंता सिनेमा के मालिक शतदीप साहा का कहना है कि फिलहाल ‘प्रजापति 2’, अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स में विशेष प्रदर्शन और ‘ओं रोमियो’ जैसी फिल्में चल रही हैं। “दर्शक पूरी तरह गायब नहीं हुए हैं, लेकिन संख्या उम्मीद से काफी कम है,” उन्होंने बताया। वहीं नवीना सिनेमा हॉल के मालिक नवीन चौखानी ने कहा कि उनका हॉल फिलहाल मरम्मत के लिए बंद है। उनके अनुसार, “चुनावी माहौल और रमज़ान के समय आमतौर पर बड़ी फिल्में रिलीज नहीं होतीं। सिर्फ बांग्ला फिल्मों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, हिंदी फिल्मों की रिलीज भी सीमित है।”

इस मुद्दे पर फिल्म प्रदर्शक और उद्योग से जुड़े अरिजीत दत्ता ने कहा कि चुनावी अनिश्चितता और नयी फिल्मों की कमी ने सिंगल स्क्रीन हॉलों की कमर तोड़ दी है। “जब तक मजबूत कंटेंट वाली नई बांग्ला फिल्में रिलीज नहीं होंगी, दर्शक वापस नहीं आएंगे। रोज़ाना के खर्च के मुकाबले आमदनी बेहद कम है, इसलिए कुछ हॉलों का अस्थायी रूप से बंद होना मजबूरी बन गया है,” उन्होंने कहा। हॉल मालिकों का मानना है कि नयी और आकर्षक फिल्मों के अभाव में दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाना मुश्किल हो रहा है। रोज़ाना के खर्च और कम टिकट बिक्री के चलते सिंगल स्क्रीन थिएटरों को घाटा उठाना पड़ रहा है।

आगामी सप्ताह को यदि कोई नयी बांग्ला या हिंदी फिल्म रिलीज होती है, तो स्थिति में सुधार की उम्मीद है। फिलहाल, सिनेमा हॉलों का भविष्य नई फिल्मों और दर्शकों की वापसी पर ही टिका हुआ है।

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