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गिटारवादक विक्रम की मां बोलीं- बेटे के अच्छे परीक्षा परिणाम से खुश था वह

इंफाल : दिल्ली में हमले के बाद जान गंवाने वाले मणिपुरी संगीतकार और गिटारवादक चोंगथाम विक्रम सिंह की 86 वर्षीय मां ने बृहस्पतिवार को अपने बेटे से जुड़ी भावुक यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि मौत से महज तीन-चार दिन पहले विक्रम ने उन्हें संदेश भेजकर अपने बेटे के सेमेस्टर परीक्षा में अच्छे अंक आने की खुशी साझा की थी। परिवार उस उपलब्धि को लेकर बेहद खुश था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद घर में मातम छा गया। मणिपुर की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका चोंगथाम कमला देवी, जिन्हें ‘मणिपुर की लता मंगेशकर’ कहा जाता है, ने इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित अपने आवास पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में विक्रम को याद किया। उन्होंने बताया कि वह और उनका बेटा कला तथा संगीत को लेकर अक्सर बातचीत किया करते थे।

पोते के अच्छे अंक की खबर भेजी थी

कमला देवी ने कहा कि विक्रम ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले उन्हें संदेश भेजकर बताया था कि उनके पोते ने सेमेस्टर परीक्षा में बहुत अच्छे अंक हासिल किए हैं और उसे पुरस्कार भी मिलने वाला है। 

उन्होंने कहा, “हम बहुत खुश थे।” मां के लिए यह संदेश अब बेटे की आखिरी यादों में से एक बन गया है।

पिता को तुरंत नहीं बताई मौत की खबर

विक्रम की मौत के दिन एकादशी थी। उनके 95 वर्षीय पिता धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और उस दिन उन्होंने उपवास रखा था। परिवार को चिंता थी कि अचानक बेटे की मौत की खबर सुनकर उनकी तबीयत पर गंभीर असर पड़ सकता है। कमला देवी ने बताया कि परिवार ने तय किया था कि रात के भोजन के बाद विक्रम के पिता को घटना की जानकारी दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। परिवार ने उनसे कहा कि कुछ लोगों के हमले में विक्रम घायल हो गया है और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। अगली सुबह कमला देवी ने अखबार भी छिपा दिया, ताकि उनके पति की नजर विक्रम की मौत से संबंधित खबर पर न पड़े। उन्होंने बताया कि नाश्ते के बाद परिवार ने धीरे-धीरे उन्हें बताया कि विक्रम की हालत बिगड़ गई है और उसके बचने की संभावना बहुत कम है। बाद में जब उन्हें विक्रम की मौत की सच्चाई बताई गई तो वह अपने कमरे में चले गए और खाना खाने से इनकार कर दिया। 

शोर और शराब पीने का विरोध करने पर हमला

54 वर्षीय विक्रम सिंह की दिल्ली के किलोकरी इलाके में उनके घर के बाहर कथित तौर पर शोर और शराब पीने का विरोध करने पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। विक्रम पिछले दो दशक से अधिक समय से किलोकरी में रह रहे थे। वह मणिपुर के जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। 

‘फीनिक्स’ बैंड के मुख्य गिटारवादक रहे

विक्रम ने 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के रॉक बैंड ‘फीनिक्स’ में मुख्य गिटारवादक के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। बाद में वह दिल्ली में संगीत शिक्षक और प्रस्तोता के तौर पर सक्रिय रहे। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण मणिपुर के कला और संगीत जगत में उन्हें सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

विक्रम के भाई चोंगथाम टॉमी ने मीडिया को बताया कि परिवार को अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परिवार की काफी मदद की है। विक्रम का पार्थिव शरीर बुधवार शाम हवाई मार्ग से इंफाल लाया गया। इसके बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। उनकी मौत से परिवार के साथ-साथ मणिपुर के संगीत जगत में भी शोक की लहर है।

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