उड़ता हुआ ड्रोन 
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एवरेस्ट के पास तिब्बत में चीन ने बनाया हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन अनुसंधान केंद्र

ऊंचाई वाले पठारी क्षेत्रों में ड्रोन के अनुसंधान, विकास और व्यावहारिक उपयोग पर है केंद्रित

बीजिंग : चीन ने माउंट एवरेस्ट के निकट तिब्बत (शिजांग) में एक अत्याधुनिक हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र स्थापित किया है। इसका उद्देश्य ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) का विकास और तैनाती कर सीमा गश्त, सुरक्षा, रसद, परिवहन, भू-वैज्ञानिक निगरानी और आपातकालीन आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाना है। 3 जुलाई को ल्हासा स्थित शिजांग (तिब्बत) विश्वविद्यालय में प्लैटो ड्रोन आरएंडडी एप्लिकेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह चीन का पहला ऐसा विशेष केंद्र है, जो पूरी तरह ऊंचाई वाले पठारी क्षेत्रों में ड्रोन के अनुसंधान, विकास और व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र उच्च-ऊंचाई ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में चीन को अमेरिका के साथ चल रही तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिला सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र चीन की राष्ट्रीय लो-एल्टीट्यूड इकोनॉमी रणनीति के अनुरूप विकसित किया गया है और इससे क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने के साथ नई अंतर-विषयक विशेषज्ञता भी विकसित होगी।

शिजांग विश्वविद्यालय के पार्टी सचिव और स्वायत्त क्षेत्र की पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सन शियानझोंग ने बताया कि विश्वविद्यालय ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा न्यू एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इसके साथ ही 'प्लैटो इंटेलिजेंट लो-एल्टीट्यूड यूएवी एप्लिकेशंस' नाम से एक विशेष माइक्रो-कोर्स भी शुरू किया गया है। केंद्र भविष्य में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ड्रोन संचालन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों का समाधान करेगा और पारिस्थितिकी संरक्षण, सीमा निगरानी, सुरक्षा, परिवहन, भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा आपदा के समय आपूर्ति पहुंचाने के लिए एकीकृत तकनीकी मंच विकसित करेगा।

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