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पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सेवाओं को मिली नई रफ्तार

सन्मार्ग संवाददाता

नई दिल्ली /रायपुर : Chhattisgarh पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रभावी उपयोग के जरिए प्रशासनिक सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाने वाला एक प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार भू-स्थानिक (Geospatial) इंटेलिजेंस और जीआईएस-आधारित योजना उपकरणों का इस्तेमाल कर औद्योगिक विकास, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय समावेशन और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास को मजबूत कर रही है।

राज्य में जीआईएस-सक्षम लैंड पैच एनालिसिस टूल्स के माध्यम से निवेश के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान की जा रही है। यह प्रणाली कनेक्टिविटी, स्वामित्व और पर्यावरणीय मानकों के आधार पर कुछ ही मिनटों में उपयुक्त भूमि पार्सल चिन्हित कर रही है, जिससे औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी कम होने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण की खामियों को दूर करने के लिए भी पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। बैंकिंग अवसंरचना, आबादी वाले क्षेत्रों और सड़क संपर्क का डिजिटल मानचित्रण कर उन बस्तियों की पहचान की जा रही है, जहां अब तक औपचारिक वित्तीय सेवाएं नहीं पहुंच पाई हैं।

आदिवासी जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों की पहुंच बढ़ाने के लिए भी भू-स्थानिक मानचित्रण का सहारा लिया जा रहा है। इससे उन गांवों और बस्तियों की पहचान हो रही है, जहां सड़क संपर्क और आवश्यक सेवाओं की कमी है।

इसके अलावा, राज्य सरकार सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और वन उत्पादों से जुड़े आदिवासी आजीविका तंत्र को मजबूत करने के लिए संजीवनी मार्ट्स की रणनीतिक स्थापना में भी जीआईएस आधारित विश्लेषण का उपयोग कर रही है।

नारायणपुर जैसे दूरस्थ जिलों में भू-भाग संबंधी डेटा, स्वास्थ्य अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और आबादी संबंधी जानकारी को एकीकृत कर अलग-थलग क्षेत्रों की पहचान की जा रही है तथा अंतिम छोर तक संपर्क बढ़ाने की योजना तैयार की जा रही है।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग निदेशक ने कहा कि पीएम गति शक्ति को भू-स्थानिक इंटेलिजेंस के साथ जोड़ने से तेज, समन्वित और साक्ष्य-आधारित योजना प्रक्रिया अपनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म विभागों को अधिक दक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्णय लेने में सक्षम बना रहा है।

वहीं Prabhat Malik ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सैटेलाइट इमेजरी, स्वास्थ्य अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को एक ही डिजिटल इंटरफेस पर जोड़कर विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने में सहायता प्रदान कर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है कि किस प्रकार स्पेशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल योजना के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सकती है तथा अंतिम छोर तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।

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