ढाका : बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के अभियोजन पक्ष ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 40 अन्य लोगों के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में औपचारिक आरोप दाखिल किए। यह मामला वर्ष 2013 में ढाका में एक प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, मई 2013 में इस्लामी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम की रैली पर पुलिस कार्रवाई के दौरान कई लोगों की मौत हुई थी। उस समय शेख हसीना की आवामी लीग सरकार सत्ता में थी। अभियोजन पक्ष ने सोमवार को ICT के रजिस्ट्रार के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया। मुख्य अभियोजक अमीनुल इस्लाम ने पत्रकारों से कहा कि न्यायाधिकरण ने हिफाजत-ए-इस्लाम के प्रदर्शन के दौरान राजधानी के शापला चत्तर इलाके में हुई मौतों को लेकर शेख हसीना और 40 अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों का संज्ञान लिया है। शेख हसीना को इसी न्यायाधिकरण ने पिछले साल नवंबर में एक अन्य मामले में मौत की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2024 में छात्र आंदोलन को दबाने में उनकी कथित भूमिका से जुड़ा था, जिसके बाद उनकी सरकार गिर गई थी। शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़कर भारत चली गई थीं और तब से वहीं रह रही हैं।
न्यायाधिकरण ने फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए हैं। इनमें उस समय के सेना प्रमुख, कई राजनीतिक नेता और सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूर्व मंत्रियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों सहित नौ प्रमुख आरोपी फिलहाल जेल में हैं और मुकदमे का सामना करेंगे।