अंजलि भाटिया
दिल्ली : दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे और टकराव के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी (आप) के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित विधायकों में संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह शामिल हैं। इन विधायकों को तीन दिनों तक सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया गया है। खास बात यह है कि शीतकालीन सत्र कुल चार दिनों का है, ऐसे में निलंबन के फैसले ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।
सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना का अभिभाषण चल रहा था, तभी आप विधायकों ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। प्रदूषण की गंभीर स्थिति की ओर ध्यान दिलाने के लिए विधायक मास्क पहनकर सदन में पहुंचे थे। सदन में नारेबाजी और व्यवधान के चलते विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पहले संजीव झा और कुलदीप कुमार को बाहर जाने का आदेश दिया। इसके विरोध में आप के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। बाद में अध्यक्ष ने चारों विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने अपने अभिभाषण में कहा कि दिल्ली सरकार महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता के सिद्धांतों पर चलते हुए जनकल्याण के फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है, जिसका उद्देश्य राजधानी के समग्र विकास को गति देना है।
वहीं, निलंबन की कार्रवाई के बाद आप विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष की नेता आतिशी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन सरकार प्रदूषण पर चर्चा तक करने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्क पहनकर सदन में आना भी अपराध बना दिया गया है। आतिशी ने कहा कि एम्स समेत कई अस्पतालों की रिपोर्ट बताती हैं कि प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है, इसके बावजूद सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय एक्यूआई मॉनिटरों में हेरफेर कर रही है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की जिम्मेदारी है कि सदन की गरिमा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यह सत्र जनहित के मुद्दों पर चर्चा और उनके समाधान के लिए बुलाया गया है। प्रदूषण जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक बहस होनी चाहिए और सभी विधायकों को दिल्ली के हित में मिलकर काम करना चाहिए।