सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- कैंपबेल बे जेट्टी पर आज, रविवार सुबह रसोई गैस सिलेंडरों से भरा एक कंटेनर सामान उतारने के दौरान समुद्र में गिर गया। इस घटना ने खतरनाक माल की ढुलाई और उसे जहाज से उतारने के दौरान अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शक्ति शिपिंग द्वारा संचालित समुद्री पोत शक्ति 12 सितंबर को सुबह लगभग 7:30 बजे कैंपबेल बे पहुंचा था। पोत में कैंपबेल बे के लिए विभिन्न सामान के साथ लगभग 1,980 रसोई गैस सिलेंडर लाए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी सिलेंडर कंटेनरों में नहीं रखे गए थे। कुछ सिलेंडर मालवाहक कंटेनरों के भीतर थे, जबकि कुछ को पोत के निर्धारित खुले हिस्से में अलग से सुरक्षित रखा गया था।
यह घटना आज लगभग 10:30 बजे सामान उतारने के दौरान हुई। रसोई गैस सिलेंडरों से भरे एक कंटेनर को क्रेन की सहायता से पोत से उठाया जा रहा था। इसी दौरान कंटेनर को उठाने में इस्तेमाल की जा रही पट्टी या रस्सी के टूटने की बात सामने आई। इसके बाद कंटेनर जेट्टी की सुरक्षा दीवार और समुद्री पोत शक्ति के बीच फंस गया। पोत को कुछ दूरी तक हटाए जाने के बाद कंटेनर समुद्र में जा गिरा।
बताया गया है कि कंटेनर कुछ समय तक पानी में तैरता रहा। मौके पर मौजूद श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने रस्सियों की सहायता से कंटेनर को सुरक्षित किया और फिर क्रेन की मदद से उसे पानी से बाहर निकाला। घटना में कंटेनर को काफी नुकसान पहुंचा और उसके भीतर पानी जाने से कई रसोई गैस सिलेंडर भी प्रभावित हुए। क्षतिग्रस्त कंटेनर और सिलेंडरों को बाद में अलग रख दिया गया। विस्तृत जांच और सिलेंडरों की गिनती के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने सिलेंडर क्षतिग्रस्त हुए या घटना से प्रभावित हुए।
फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि, घटना ने रसोई गैस सिलेंडरों जैसे संवेदनशील और संभावित रूप से खतरनाक माल की ढुलाई तथा उतराई के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके से सामने आई तस्वीरों ने बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल पैदा किए हैं।