सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- कैंपबेल बे पुलिस इकाई ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 16 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे 24 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5.28 ग्राम गांजा और 1.8 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया। पुलिस के अनुसार, युवक के पास से बरामद पदार्थ संदिग्ध मादक पदार्थ बताए गए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी 15 सितंबर की सुबह श्री विजय पुरम से कैंपबेल बे के लिए रवाना हुए जहाज से यात्रा कर 16 सितंबर को कैंपबेल बे पहुंचा था। पुलिस को अपने सूत्रों के माध्यम से पहले ही सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति संदिग्ध मादक पदार्थ लेकर कैंपबेल बे की यात्रा कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी।
बताया गया है कि पुलिस ने उसे तुरंत जेटी पर रोकने के बजाय जेटी से बाहर निकलने के बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी। बाद में आरोपी को कैंपबेल बे स्थित कैथोलिक चर्च के पास उस समय रोका गया, जब वह अपने एक मित्र की मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किए।
इसके बाद आरोपी को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद पदार्थों का वास्तविक स्रोत क्या है और उन्हें कहां से खरीदा गया था, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक सैमुअल फ्रेड, थाना प्रभारी मिथुन कृतनिया तथा कैंपबेल बे पुलिस दल की निगरानी में की गई।
इस घटना के बाद कैंपबेल बे जाने वाले जहाजों में यात्रियों की जांच व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि यात्री जांच के बावजूद संदिग्ध मादक पदार्थ कैंपबेल बे तक पहुंच सकते हैं, तो क्या वर्तमान जांच व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, इस पर विचार किया जाना जरूरी है।
कैंपबेल बे में मादक पदार्थों से जुड़े मामले सामने आने के बीच निवारक उपायों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। निकोबार प्रशासन द्वारा कैंपबेल बे जाने वाले यात्रियों की जांच व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर विचार किया जा सकता है, ताकि प्रतिबंधित पदार्थ वहां तक न पहुंच सकें।
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक, निकोबार से कैंपबेल बे में प्रशिक्षित खोजी श्वान दल की व्यवस्था करने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। ऐसा दल मादक पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी आवाजाही से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने और उन्हें बाधित करने में पुलिस की सहायता कर सकता है।