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सी-कैंप और नगालैंड सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मिलाया हाथ

स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक पहल

कोहिमा : भारत के प्रमुख जीवन विज्ञान नवाचार केंद्र, सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (सी-कैंप) ने नगालैंड सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग (एच एंड एफडब्ल्यू) के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की। इस सहयोग का उद्देश्य नगालैंड की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना और राज्य में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है। साझेदारी का प्रमुख केंद्र स्वदेशी और नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग होगा, जिससे राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाया जा सके।

इस साझेदारी का औपचारिक शुभारंभ

यह औपचारिक घोषणा मंगलवार 9 सितंबर 2025 को कोहिमा स्थित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशालय के आईडीएसपी कॉन्फ्रेंस हॉल में की गयी। इसमें सी-कैंप के निदेशक और सीईओ डॉ. तस्लीमारीफ सैयद तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त और सचिव अनूप खिंची ने साझेदारी के उद्देश्य और महत्व पर चर्चा की।

साझेदारी की मुख्य बातें

  • स्वास्थ्य परिणामों में सुधार: इस साझेदारी का प्राथमिक लक्ष्य नगालैंड में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है, खासकर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में।

  • नयी तकनीकों का कार्यान्वयन: सी-कैंप और नगालैंड सरकार संयुक्त रूप से नयी और प्रभावी स्वास्थ्य तकनीकों की पहचान करेंगे और उन्हें राज्य में लागू करेंगे। यह साझेदारी नवाचार-संचालित स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में काम करेगी।

  • सी-कैंप के पहले के प्रयास: सी-कैंप का यह सहयोग नगालैंड में उसके पहले के प्रयासों पर आधारित है। उदाहरण के तौर पर, कोविड-19 महामारी के दौरान सी-कैंप ने नगालैंड के दो अस्पतालों में ऑक्सीजन-समर्थित सुविधाओं की स्थापना की थी। इनमें दीमापुर जिला अस्पताल में 50-बेड की इकाई और मोकोकचुंग के इमकोंगलिबा मेमोरियल जिला अस्पताल (आईएमडीएच) में 39-बेड की इकाई शामिल हैं।

नगालैंड सरकार की स्थिति

कार्यक्रम में अनूप खिंची, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त एवं सचिव, ने इस साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह सहयोग राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को लचीला, समावेशी और नवाचार-संचालित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उनका कहना था कि राज्य सरकार नवीन तकनीकों को अपनाकर स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना चाहती है, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो सके।

सी-कैंप का योगदान और प्रभाव

डॉ. तस्लीमारीफ सैयद (सी-कैंप के निदेशक और सीईओ) ने साझेदारी की दिशा में सी-कैंप की भूमिका को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सी-कैंप ने अब तक 5,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया है और 19 राज्यों में 6 लाख से अधिक लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचाई हैं। यह समझौता नगालैंड सरकार के साथ मिलकर एक ठोस संरचित ढांचा तैयार करेगा, जिससे प्रभावशाली स्वास्थ्य तकनीकों को राज्य में बढ़ावा दिया जाएगा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के बीच सामंजस्यपूर्ण सहयोग स्थापित होगा।

सी-कैंप के नवाचार नेटवर्क

सी-कैंप, जिसे भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित किया जाता है, के पास 550 से अधिक डीप-टेक स्टार्ट-अप्स का एक विशाल पोर्टफोलियो है। इसके साथ ही 3,000 से अधिक नवप्रवर्तकों का अखिल भारतीय नेटवर्क भी है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप समाधानों का विकास करता है।

भविष्य की दिशा

यह साझेदारी नगालैंड में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों को लागू करने का एक प्रभावी तरीका बनेगी। इसके अलावा, यह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण, साक्षरता कार्यक्रमों और सामूहिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देगी। सी-कैंप और नगालैंड सरकार की यह साझेदारी न केवल राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को समृद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह स्वास्थ्य में सुधार और स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी। नवाचार, प्रभावी नीति और कार्यान्वयन के इस समग्र प्रयास से नगालैंड में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में महत्वपूर्ण सुधार संभव हो सकेगा।

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