ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन 
देश/विदेश

ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना के नाम एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

महिला ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया

Bharat Paswan

लंदन : ब्रिटिश भारतीय शतरंज खिलाड़ी बोधना शिवानंदन का नाम सबसे कम उम्र में महिला ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) का खिताब हासिल करने के लिए शुक्रवार को एक बार फिर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया। लंदन की 11 वर्षीय स्कूली छात्रा ने पिछले सप्ताह 46वें शतरंज ओलंपियाड में इतिहास रचते हुए महिला ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। उज्बेकिस्तान के समरकंद में मिली उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने उनके नाम एक और रिकॉर्ड जोड़ दिया है। इससे पहले वह महज 10 वर्ष की उम्र में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी थीं। इस नए खिताब के साथ बोधना के नाम अब कुल तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हो गए हैं। इससे पहले उन्होंने ‘‘महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनने वाली सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी’’ और ‘‘शतरंज टूर्नामेंट में किसी ग्रैंडमास्टर को हराने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी’’ होने का रिकॉर्ड बनाया था।

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