लंदन : ब्रिटेन ने कनाडा की अगुवाई में प्रस्तावित रक्षा, सुरक्षा एवं लचीलापन बैंक (डीएसआरबी) में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इससे दुनिया का पहला वैश्विक रक्षा बैंक बनाने की योजना को झटका लगा है। दोनों देशों ने कहा कि वे अपनी अलग-अलग रक्षा वित्तपोषण पहलों के बीच सहयोग का ढांचा तैयार करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त संस्थान के मुख्यालय की जगह, साझा खरीद, सदस्य देशों को कर्ज देने और नए सदस्यों के प्रवेश जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। ब्रिटेन की बहुपक्षीय रक्षा व्यवस्था (एमडीएम) नाटो देशों के बीच संयुक्त खरीद और रक्षा निवेश बढ़ाने पर ध्यान देगी, जबकि डीएसआरबी रक्षा उद्योगों और आपूर्ति शृंखलाओं में निवेश को समर्थन देगा। डीएसआरबी का लक्ष्य करीब 100 अरब यूरो जुटाकर सरकारों और रक्षा ठेकेदारों को कम ब्याज पर कर्ज देना है। कनाडा के अलावा अल्बानिया, बेल्जियम, ग्रीस, लातविया, लक्जमबर्ग, रोमानिया, तुर्किये और यूक्रेन ने इस पहल का समर्थन किया है।