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संगीत और कला लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं : अबू मेथा

ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल का छठा संस्करण शुरू

Krishna Das Parth

नई दिल्ली-नागालैंड : राजधानी नई दिल्ली में ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल के छठे संस्करण की शुरुआत 18 सितंबर 2026 को हुई। इस अवसर पर आयोजित सेलिब्रेशन कॉन्सर्ट में नगालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार और इन्वेस्टमेंट एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ नगालैंड (IDAN) के अध्यक्ष अबू मेथा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेथा ने ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल की यात्रा और इसके लगातार विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि नगालैंड से शुरू हुआ यह संगीत समारोह आज फेस्टिवल डायरेक्टर क्योचानो टीसीके के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। अबू मेथा ने कहा कि संगीत और कला ऐसी सार्वभौमिक भाषाएं हैं, जो भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सीमाओं से परे लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। उन्होंने ब्रिलांटे टीम की इस पहल की सराहना की कि वह संगीतकारों और युवा प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ नगालैंड और भारत से बाहर भी संस्थानों एवं कलाकारों के साथ सहयोग और साझेदारी विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर तलाशने में मदद करते हैं।

नगालैंड आने का दिया न्योता

मेथा ने नगालैंड को एक विशिष्ट पर्यटन और सांस्कृतिक गंतव्य बताते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों को राज्य की यात्रा करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि नगालैंड की पहचान वहां के लोगों, परंपराओं, प्राकृतिक दृश्यों, खान-पान और आतिथ्य से बनती है। उन्होंने नगालैंड की मेहमाननवाजी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में आने वाले मेहमानों का दिल से स्वागत किया जाता है। उन्होंने कोहिमा को इतिहास और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए वहां आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉर्नबिल फेस्टिवल का भी उल्लेख किया। मेथा ने लोगों से नगालैंड आकर वहां की कहानियों, स्थानीय व्यंजनों, नीले आसमान और हरे-भरे पहाड़ों का अनुभव करने तथा यादें संजोने का आह्वान किया।

ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग की सराहना

नगालैंड के मुख्यमंत्री के सलाहकार ने ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल के साथ सहयोग के लिए ब्रिटिश काउंसिल की भी सराहना की। उन्होंने नगालैंड के साथ विभिन्न कार्यक्रमों और साझेदारियों के माध्यम से परिषद के लंबे जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने ब्रिटिश काउंसिल इंडिया की निदेशक एलिसन बैरेट एमबीई को विशेष रूप से उनके सहयोग और नगालैंड के प्रति समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। मेथा ने कहा कि नगालैंड और ब्रिटेन के लोगों के बीच कई पीढ़ियों से विशेष संबंध रहे हैं और संस्कृति, शिक्षा, संगीत, रचनात्मक उद्योगों तथा लोगों के बीच संपर्क के माध्यम से इन संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।

नगालैंड की सांस्कृतिक पहचान पर चर्चा

कार्यक्रम में एलिसन बैरेट ने ब्रिटिश काउंसिल के विजन और कार्यों की जानकारी दी तथा नगालैंड के साथ उसके विभिन्न सहयोग और कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने हॉर्नबिल फेस्टिवल और नगालैंड को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत में तीन दशकों से अधिक समय बिताने के दौरान नगालैंड उनके लिए देश के सबसे यादगार और उल्लेखनीय स्थानों में से एक रहा है।

नगालैंड से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा उत्सव

नगालैंड से शुरू हुआ ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल अब एक अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हो चुका है। यह संगीतकारों, संस्थानों, शिक्षकों और संगीत प्रेमियों को एक साथ लाने के साथ उभरती प्रतिभाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराता है तथा कलात्मक आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देता है। फेस्टिवल का छठा संस्करण नई दिल्ली के कई स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। इसके सेलिब्रेशन कॉन्सर्ट ब्रिटिश काउंसिल में आयोजित किए जा रहे हैं। केएम म्यूजिक कंजर्वेटरी भी इस फेस्टिवल से जुड़े संस्थागत साझेदारों में शामिल है। ब्रिलांटे पियानो फेस्टिवल नगालैंड के रचनात्मक समुदाय की बढ़ती पहचान और राज्य के कलाकारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिल रहे नए अवसरों को भी प्रदर्शित करता है।

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