पुणे इमारत हादसे में फंसे लोगों का किया जा रहा रेस्‍क्यू 
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पुणे इमारत हादसा में मलबे से एक कर्मचारी का शव बरामद, लोगों का रेस्क्यू जारी

इमारत हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें रातभर चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, फंसे लोगों की तलाश जारी

पुणे: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में राहत और बचाव कार्य एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मलबे से अब तक 14 लोगों को सुरक्षित जिंदा निकाला जा चुका है, जबकि एक मजदूर का शव बरामद हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी करीब 8 और लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।

हालाँकि, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार को अब जानबूझकर धीमा कर दिया गया है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इमारत के भीतर कचरे का एक भारी ढेर जमा है। अगर इस कचरे को हटाने में थोड़ी भी जल्दबाजी की गई, तो कमजोर हो चुकी बची हुई इमारत पूरी तरह ढह सकती है, जिससे एक और बड़ा हादसा होने का खतरा है।

फायर ब्रिगेड अधिकारी ऋषिकांत चिपाडे ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा "शुरुआत में हमें मलबे में फंसे कुछ मजदूरों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। लेकिन अब चुनौती यह है कि ऊपर जमा कचरे के ढेर को हटाने की कोशिश करने पर पूरी इमारत के गिरने का जोखिम बढ़ गया है। किसी और बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए हमें बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। यही वजह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन की गति धीमी की गई है और पूरा काम बेहद फूंक-फूंक कर किया जा रही है।"

प्रशासन और बचाव दल अब बेहद सतर्कता के साथ मलबे को हटाने और बाकी बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटे हैं।

कैसे हुआ हादसाः

पिछले 2-3 दिनों में इस इलाके में 500 मिमी से अधिक भारी बारिश हुई है। इस मूसलाधार बारिश के कारण मोशी कचरा डिपो में सालों से जमा कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक खिसक गया। यह कचरा डिपो परिसर में ही बनी 'वेस्ट-टू-एनर्जी' प्रोजेक्ट की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत पर जा गिरा, जिससे इमारत का एक हिस्सा ढह गया और वह एक तरफ झुक गई।

फंसे हुए लोगों की स्थितिः

अधिकारियों ने मलबे के अंदर दो ऐसे लोगों को स्पॉट किया है जो कोई हलचल नहीं कर रहे हैं और गंभीर रूप से घायल प्रतीत हो रहे हैं। उन्हें बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं। मौके पर 25 कार्डियक एम्बुलेंस और डॉक्टरों की विशेष टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि बाहर निकालते ही घायलों को तुरंत आपातकालीन इलाज दिया जा सके।

सीएम की स्थिति पर नजरः

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के कमिश्नर डॉ. विजय सूर्यवंशी को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने और घायलों को तुरंत इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

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