ठाणे : भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने नवी मुंबई स्थित किराना बाजार एवं दुकान बोर्ड (माथाडी बोर्ड) में कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में एक निरीक्षक और एक निजी सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक आवेदक को आधिकारिक माथाडी श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले 43,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है। एसीबी अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एसीबी के मुताबिक, शिकायतकर्ता की उम्र 35 वर्ष है और वह पेशे से ऑटो-रिक्शा चालक है। उसने माथाडी बोर्ड में माथाडी श्रमिक के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया था। बताया गया है कि उसने 29 अगस्त को बोर्ड के समक्ष आवेदन जमा किया था। उसका उद्देश्य बोर्ड से हट चुके अपने एक परिचित के स्थान पर माथाडी श्रमिक के रूप में नियुक्ति हासिल करना था।
पंजीकरण रसीद के लिए मांगी गई रकम
शिकायत के अनुसार, आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और शिकायतकर्ता के नाम पर आधिकारिक माथाडी श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले बोर्ड परिसर में तैनात एक निजी सुरक्षाकर्मी ने रिश्वत की मांग की। एसीबी के अनुसार, सुरक्षाकर्मी ने कथित तौर पर अपने लिए 5,000 रुपये तथा बोर्ड के एक निरीक्षक के लिए 50,000 रुपये की रकम मांगी थी। इस तरह शुरुआत में कुल 55,000 रुपये की मांग की गई थी। बाद में शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच बातचीत के बाद कथित रिश्वत की कुल रकम घटाकर 43,000 रुपये तय की गई। शिकायतकर्ता ने कथित मांग को स्वीकार करने के बजाय इसकी जानकारी भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो को देने का फैसला किया।
एसीबी में दर्ज कराई शिकायत
ऑटो-रिक्शा चालक ने इस संबंध में सोमवार को एसीबी की नवी मुंबई इकाई से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच की और कथित रिश्वत मांग की पुष्टि करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। इसके बाद एसीबी ने आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाने की योजना बनाई।
तुर्भे एपीएमसी परिसर में जाल
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार शाम को तुर्भे स्थित कृषि मंडी समिति (एपीएमसी) परिसर में स्थित माथाडी बोर्ड के कार्यालय में जाल बिछाया गया। जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता से कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार करने के लिए दोनों आरोपी वहां मौजूद थे। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए निरीक्षक और निजी सुरक्षाकर्मी दोनों को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में रिश्वत की मांग, उसके लिए कथित बातचीत और रकम स्वीकार किए जाने से संबंधित परिस्थितियों की जांच की जा रही है। हालांकि, किसी अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज होना या गिरफ्तारी होना अपने आप में दोष सिद्धि नहीं है। मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों की पुष्टि की जाएगी।
घटनाक्रम एक नजर में
शिकायतकर्ता : 35 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक
उद्देश्य : माथाडी श्रमिक के रूप में पंजीकरण/नियुक्ति
आवेदन की तारीख : 29 अगस्त
प्रारंभिक रिश्वत मांग : कुल 55,000 रुपये
बाद में तय रकम : 43,000 रुपये
शिकायत : सोमवार को एसीबी की नवी मुंबई इकाई में
एसीबी की कार्रवाई : सोमवार शाम
स्थान : तुर्भे, एपीएमसी परिसर स्थित माथाडी बोर्ड कार्यालय
गिरफ्तार अभियुक्त : एक निरीक्षक और एक निजी सुरक्षाकर्मी
कानूनी कार्रवाई : भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप सरकारी/बोर्ड संबंधी सेवा हासिल करने के लिए कथित तौर पर अवैध भुगतान की मांग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता को अपने नाम पर माथाडी श्रमिक पंजीकरण रसीद प्राप्त करनी थी, लेकिन आरोप है कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले उससे पैसे मांगे गए। एसीबी की कार्रवाई में शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर कथित लेन-देन के दौरान आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। ऐसे मामलों में एजेंसी आम तौर पर शिकायतकर्ता के बयान, कथित रिश्वत की मांग से संबंधित उपलब्ध साक्ष्य, जाल कार्रवाई के दौरान जुटाए गए प्रमाण और अन्य दस्तावेजों की जांच करती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। आरोपी पक्ष की ओर से कोई अलग बयान या बचाव इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।