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असम की पहली महिला IAS अधिकारी बनीं वर्णली डेका

केंद्र में जॉइंट सेक्रेटरी पद के पैनल में शामिल

गुवाहाटी: असम-मेघालय कैडर की 2009 बैच की IAS अधिकारी डॉ. वर्णली डेका ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह भारत सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी या समकक्ष पद के लिए चुनी जाने वाली असम की पहली महिला IAS अधिकारी बन गई हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 29 अगस्त को जारी सूचना में उन्हें जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के पद के लिए चयनित किए जाने की पुष्टि की। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले डेका असम के सामान्य प्रशासन विभाग में कमिश्नर एवं सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थीं। अगस्त 2025 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद वह फिलहाल केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में डायरेक्टर के रूप में तैनात हैं।

IAS और IPS दोनों में हासिल की थी सफलता

सिविल सेवा में आने से पहले डेका ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और ANZ बैंक में काम किया था। उन्होंने IPS में ऑल इंडिया रैंक 82 और IAS में रैंक 16 हासिल की थी। वह दोनों सेवाओं के लिए क्वालिफाई करने वाली असम की पहली महिला बनी थीं। डेका के पास कंप्यूटर साइंस में BTech, MBA, LLB और कॉमर्स में PhD की डिग्री है। उनकी डॉक्टरेट रिसर्च में पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यमिता पर 'एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम' के प्रभाव का अध्ययन किया गया था।

जनजातीय विकास से जुड़ी अहम जिम्मेदारी

जनजातीय कार्य मंत्रालय में डेका 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' की निगरानी कर रही हैं। करीब 79,156 करोड़ रुपये के बजट वाले इस कार्यक्रम में 17 मंत्रालयों के 25 तरह के हस्तक्षेप शामिल हैं। इसके तहत 63,843 गांवों में पांच करोड़ से अधिक जनजातीय लाभार्थियों को कवर किया जा रहा है। वह संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान, जनजातीय स्वास्थ्य तथा मॉनिटरिंग, मूल्यांकन, सर्वे और सोशल ऑडिट से जुड़े विभागों की भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

असम के पांच जिलों की DC रह चुकी हैं

डेका ने असम के बारपेटा, गोलाघाट, गोलपारा, कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में डिप्टी कमिश्नर के रूप में काम किया है। इसके अलावा वह गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी की वाइस-चेयरमैन एवं CEO, असम स्किल डेवलपमेंट मिशन, असम स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन और PMAY (अर्बन) की मिशन डायरेक्टर तथा समग्र शिक्षा अभियान की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुकी हैं। उन्होंने असम में स्वास्थ्य, शहरी विकास, बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल तथा कौशल एवं उद्यमिता विकास विभागों में सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा वह असम और बोडोलैंड एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेजों की प्रमुख भी रही हैं।

कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

जनसेवा और प्रशासनिक नवाचारों के लिए डेका को 'पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार', नेशनल ई-गवर्नेंस अवार्ड्स और नेशनल वॉटर अवार्ड्स समेत कई सम्मान मिल चुके हैं। उनके प्रशासनिक प्रयोगों में 'गोलमार्ट', 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्नैपशॉट', 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट', 'खेलो कोकराझार' और 'ग्रीन गोलपारा' जैसी पहल शामिल हैं। इन पहलों को UNDP, नीति आयोग और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग से भी पहचान मिली है। केंद्र में जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के पद के लिए डेका का चयन असम के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर की महिला प्रशासनिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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