डिब्रूगढ़ : असम के चराइदेव जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए नागालैंड के मोन जिले से चोरी की 27 दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक ये मोटरसाइकिलें असम के शिवसागर और चराइदेव जिलों से चोरी की गई थीं और बाद में नागालैंड के मोन जिले में बेची और इस्तेमाल की जा रही थीं। यह कार्रवाई सोमवार को नागालैंड पुलिस, CRPF जवानों और कोन्याक स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों के सहयोग से की गई। चराइदेव के SP कंचन कुमार कंडपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोन पुलिस के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।
खुफिया जानकारी जुटाने के बाद कार्रवाई
चराइदेव के SSP सुरजीत सिंह पनेसर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि असम से चोरी की गई मोटरसाइकिलें मोन जिले में बेची जा रही हैं और वहां उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने शिवसागर और चराइदेव समेत संबंधित जिलों में दर्ज मोटरसाइकिल चोरी की FIR और वाहनों का डेटा जुटाया। इस जानकारी को नागालैंड पुलिस के साथ साझा किया गया। इसके बाद संदिग्ध मोटरसाइकिलों के मोन जिले में इस्तेमाल होने की पुष्टि करने के लिए खुफिया जानकारी जुटाई गई और फिर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिलों के इंजन और चेसिस समेत अन्य विवरणों का मिलान विभिन्न जिलों में दर्ज चोरी के मामलों से किया। इस प्रक्रिया के बाद कई वाहनों के चोरी के मामलों से जुड़े होने की पुष्टि हुई।
22 बाइक असम लाई गईं
पुलिस के अनुसार, बरामद 27 मोटरसाइकिलों में से 22 को सोमवार को तीन ट्रांसपोर्ट वाहनों के जरिए असम वापस लाया गया। बाकी पांच मोटरसाइकिलों को भी मंगलवार तक असम लाए जाने की उम्मीद है। पुलिस की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामद वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जाएगा। इसके लिए वाहनों के दस्तावेज और चोरी से संबंधित FIR का सत्यापन किया जाएगा। SSP सुरजीत सिंह पनेसर ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि मोन जिले में अभी भी असम से चोरी की करीब 200 और मोटरसाइकिलें चल रही हैं। पुलिस आने वाले दिनों में इन वाहनों का पता लगाने और उन्हें बरामद करने के लिए आगे भी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि चोरी के वाहनों के नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
चोरी की बाइक खरीदने वालों को चेतावनी
पुलिस ने पुरानी मोटरसाइकिल खरीदने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। SSP पनेसर ने कहा कि कम कीमत पर वाहन खरीदने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करानी चाहिए। खरीदार संबंधित जिला पुलिस से वाहन के दस्तावेज और रिकॉर्ड की पुष्टि करा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सस्ते दाम पर चोरी की मोटरसाइकिल खरीदना बाद में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। चोरी की संपत्ति को जानबूझकर खरीदना या उसका लेन-देन करना भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है।
अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क पर पुलिस की नजर
चराइदेव पुलिस की यह कार्रवाई असम से चोरी होने वाले दोपहिया वाहनों को दूसरे राज्यों में खपाने वाले संभावित नेटवर्क की ओर भी संकेत करती है। असम और नागालैंड पुलिस के बीच साझा सूचना और समन्वित कार्रवाई से बड़ी संख्या में चोरी के वाहनों का पता लगाया गया है। पुलिस अब बरामद वाहनों से जुड़े मामलों की जांच के साथ-साथ उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर चोरी की मोटरसाइकिलों को मोन जिले में बेचने या खरीदने में मदद की। आने वाले दिनों में इस मामले में और बरामदगी तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना है।