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असम में 1.66 लाख ST छात्रों को 194.55 करोड़ की छात्रवृत्ति

Krishna Das Parth

गुवाहाटी : असम में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में 1,66,124 छात्रों को कुल 194.55 करोड़ रुपये की नेशनल पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई। छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम बुधवार को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय मामलों के विभाग (मैदानी क्षेत्र) की ओर से किया गया। इस पहल का उद्देश्य माध्यमिक स्तर के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे ST विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग देना है, ताकि वित्तीय कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और वे अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम को पूरा कर सकें। असम सरकार के अनुसार, ST छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति केंद्र प्रायोजित योजना के तहत संचालित होती है।

उच्च शिक्षा में आर्थिक बाधाएं कम करने पर जोर

इस अवसर पर रानोज पेगू ने कहा कि आर्थिक सहायता का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा तक पहुंच बनाने में आर्थिक स्थिति कई विद्यार्थियों के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे में समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में सहयोग कर सकती है।

शिक्षा के माध्यम से अवसर बढ़ाने की पहल

पोस्ट-मैट्रिक स्तर की छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो स्कूली शिक्षा के बाद कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी या अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं। केंद्र के जनजातीय कार्य मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों में भी असम में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में ST विद्यार्थियों को लाभ मिलने का उल्लेख है। असम सरकार के जनजातीय मामलों के विभाग के अनुसार, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना ST (Plain) विद्यार्थियों के लिए लागू केंद्र प्रायोजित योजना है। विभाग की जानकारी के अनुसार, इसका वित्तपोषण केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है।

'सेवा संकल्प अभियान' के तहत कार्यक्रम

छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम राज्य में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किया गया। अभियान के तहत विभिन्न सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ST विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी रही। छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों में सहायता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

छात्रों को पढ़ाई जारी रखने का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य फोकस आर्थिक रूप से सहायता प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना रहा। सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया कि छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ लेकर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाएं और बेहतर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों की दिशा में आगे बढ़ें। 194.55 करोड़ रुपये की सहायता से 1.66 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने के साथ यह पहल राज्य में ST समुदाय के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में सामने आई है।

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