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असम में महिलाओं को 23 करोड़ रुपये की मदद : हिमंत सरमा

गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य में उनकी सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत 78 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं और माताओं को 23 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपनी तथा अपने नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल करने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण महिलाओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल असर न पड़े। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि असम सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि गर्भवती महिलाएं अपनी और अपने नवजात बच्चों की उचित देखभाल कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार के पहले 100 दिनों में PMMVY के तहत 78,000 से अधिक महिलाओं को 23 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी गई है। सरकार के मुताबिक, बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचना मातृ एवं शिशु कल्याण को लेकर प्रशासन के प्रयासों को दर्शाता है।

मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता का प्रावधान

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र प्रायोजित मातृत्व लाभ कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और मातृत्व के शुरुआती चरण में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार सहायता दी जाती है। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाले मजदूरी के आंशिक नुकसान की भरपाई करना तथा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए इस तरह की सहायता गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त खर्च को संभालने में मददगार हो सकती है। बच्चे के जन्म के बाद नवजात की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने की स्थिति में भी यह सहायता महत्वपूर्ण हो जाती है।

लाभ सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर

राज्य में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारी पात्र महिलाओं के पंजीकरण और उन्हें निर्धारित लाभ सीधे उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पात्र लाभार्थी किसी तरह की प्रशासनिक बाधा के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहें। सरकार का कहना है कि मातृत्व कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों की महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। असम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल किया गया है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और संस्थागत प्रसव जैसी सुविधाओं तक महिलाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है। मुख्यमंत्री की यह घोषणा भी राज्य सरकार के व्यापक कल्याणकारी एजेंडे के तहत देखी जा रही है, जिसमें पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में मातृत्व कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनका लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा। खासकर ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों की महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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