बोंगईगांव : असम के न्यू बोंगईगांव जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने 13 लोगों को कथित तौर पर मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया। बचाए गए लोगों में चार महिलाएं, छह पुरुष और तीन बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी को कथित तौर पर अरुणाचल प्रदेश से ट्रेन के जरिए असम से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, GRP को रात के समय इन लोगों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद न्यू बोंगईगांव जंक्शन पर पुलिसकर्मियों ने निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध समूह को ट्रेन से उतरवाकर रोक लिया। इसके बाद सभी 13 लोगों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया गया।
तिनसुकिया-तांबरम एक्सप्रेस से पहुंचे थे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह समूह अरुणाचल प्रदेश से तिनसुकिया-तांबरम एक्सप्रेस के जरिए यात्रा कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि उन्हें असम के रास्ते राज्य से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस यात्रा के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। GRP ने सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए न्यू बोंगईगांव स्टेशन पर समूह को रोक लिया। बचाए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसके साथ यात्रा कर रहे थे, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और क्या उन्हें किसी तरह का प्रलोभन या दबाव देकर दूसरे राज्य में ले जाया जा रहा था।
13 लोगों की पहचान
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बचाए गए लोगों में रश्मिता मुरिया, अनीता मुंडा, पिंकी रथ, रोहित रथ, देबेन करमाकर, रामू नायक, संजय नायक, धानो नायक, बिक्रम चौताल, मंटू मुंडा, देबेश्वर मुंडा और अजीत नायक शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में 12 नाम बताए गए हैं, जबकि कुल बचाए गए लोगों की संख्या 13 बताई गई है। बचाए गए सभी लोगों को आगे की जांच और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों की निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों की ओर से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनमें शामिल तीन बच्चों के साथ कौन लोग यात्रा कर रहे थे और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके पास थी।
नामसाई पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश की नामसाई पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन लोगों को किन परिस्थितियों में अरुणाचल प्रदेश से बाहर ले जाया जा रहा था और क्या इसके पीछे किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह का हाथ है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इन लोगों को रोजगार, बेहतर मजदूरी या किसी अन्य अवसर का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा था। साथ ही, पुलिस संभावित बिचौलियों और इस यात्रा की व्यवस्था करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
तस्करी नेटवर्क की जांच पर जोर
इस घटना ने पूर्वोत्तर राज्यों से दूसरे राज्यों की ओर लोगों को ले जाने वाले संभावित तस्करी नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यह स्पष्ट होने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि मामला वास्तव में मानव तस्करी से जुड़ा है या किसी अन्य उद्देश्य से इन लोगों को बाहर ले जाया जा रहा था। फिलहाल न्यू बोंगईगांव GRP की कार्रवाई के बाद 13 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और संबंधित अधिकारी उनके बयान तथा परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। नामसाई पुलिस की जांच के आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।