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असम-नगालैंड सीमा विवाद के बीच संयुक्त बांस रोपण की पहल

Krishna Das Parth

गुवाहाटी : असम और नगालैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के बीच दोनों राज्यों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आपसी सहयोग और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल पर चर्चा की है। असम के सरूपथार विधायक विश्वजीत फूकन ने नगालैंड के भंडारी विधायक अचुम्बेमो किकोन की मेजबानी करते हुए सीमा क्षेत्र में शांति और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान दोनों विधायकों ने संयुक्त रूप से बांस के पौधे लगाने की योजना पर चर्चा की। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को हुई इस बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में आपसी विश्वास बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर सहयोग के जरिए विकास को गति देना था। दोनों विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के बीच स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर संबंध और साझा विकास गतिविधियां सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकती हैं।

संयुक्त बांस रोपण पर बनी सहमति

बैठक के दौरान असम और नगालैंड के सीमा से सटे इलाकों में संयुक्त रूप से बांस रोपण अभियान चलाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बांस दोनों राज्यों के कई ग्रामीण और आदिवासी समुदायों की अर्थव्यवस्था तथा रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण संसाधन है। संयुक्त पौधरोपण को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सीमा क्षेत्र के लोगों को साझा गतिविधि से जोड़ने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों विधायकों की यह पहल केवल पर्यावरणीय गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा क्षेत्र में संवाद और सहयोग को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी सामने आई है।

सीमा विवाद के बीच संवाद पर जोर

असम और नगालैंड के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। असम सरकार के अनुसार, सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार ने सीमा क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और सामुदायिक सुविधाओं जैसी विकास परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। ऐसे में दोनों राज्यों के विधायकों की बैठक और संयुक्त बांस रोपण की योजना को सीमा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इससे दोनों राज्यों के बीच जारी सीमा विवाद के कानूनी और प्रशासनिक समाधान पर कोई तत्काल प्रभाव पड़ने का दावा नहीं किया गया है।

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