गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में आर्थिक विकास को गति देने और उद्यमिता तथा तकनीक आधारित नवाचार के नए अवसर पैदा करने के लिए मजबूत और सहयोगी इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है। मुख्यमंत्री 10 सितंबर को IIT गुवाहाटी के टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से आयोजित MC² + Ignite आउटरीच प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया जाना चाहिए, जो न केवल असम बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी नए और व्यावहारिक समाधान तैयार कर सके।
'डीप टेक एनर्जी ट्रांजिशन में नई दिशा'
सरमा ने कहा कि डीप टेक भारत के एनर्जी ट्रांजिशन में एक नई दिशा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि IIT गुवाहाटी के नेतृत्व में MC² + Ignite कार्यक्रम ऊर्जा और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के तकनीकी समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि असम के सामने नदी के द्वीपों से लेकर नदी की तलहटी की गहराई तक कई विशिष्ट चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए स्थानीय इनोवेटर्स सबसे बेहतर स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए असम केवल निवेश के गंतव्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक प्रमुख इनोवेशन हब के रूप में भी उभर सकता है।
गुवाहाटी में MC²+ इनोवेशन नोड शुरू
मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी स्थित NRL सेंटर में समर्पित MC²+ को-वर्किंग स्पेस और इनोवेशन नोड का भी उद्घाटन किया। इस सुविधा में 50 से अधिक वर्कस्टेशन, 16 केबिन और निवेशकों तथा तकनीकी सलाहकारों के लिए अलग कमरे बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को जरूरी बुनियादी ढांचा, तकनीकी विशेषज्ञता और उद्योग जगत से संपर्क उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने इनोवेशन और कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सकें। यह केंद्र पूर्वोत्तर के स्टार्टअप्स को अपने स्वदेशी इनोवेशन को प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की जरूरतों, विशेषज्ञता और क्षमताओं से जोड़ने का मंच भी उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में 200 से अधिक स्टार्टअप शामिल
MC² + Ignite कार्यक्रम में 200 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जबकि 1,500 से अधिक पंजीकरण हुए। कार्यक्रम में करीब 1,000 छात्रों की भागीदारी भी रही। इसे पूर्वोत्तर के युवाओं के बीच उद्यमिता और तकनीकी नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि का संकेत माना जा रहा है। कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, छात्रों, उद्यमियों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।
पांच साल के लिए 455 करोड़ रुपये का फंड
MC² फाउंडेशन का गठन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की देखरेख में किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में विकसित ऊर्जा तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर वास्तविक क्षेत्र में इस्तेमाल तक पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रीय मंच तैयार करना है। इस पहल को तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के समूह का समर्थन हासिल है। इसमें ONGC, Oil India Limited, Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited, Hindustan Petroleum Corporation Limited, GAIL और Petronet LNG शामिल हैं। MC² के पास पांच वर्षों के लिए 455 करोड़ रुपये का फंड है। इसका लक्ष्य तकनीकी नवाचार और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल के बीच की दूरी को कम करना है।
ग्रैंड चैलेंज से फील्ड पायलट तक पूरा सिस्टम
प्लेटफॉर्म के तहत राष्ट्रीय स्तर पर 'ग्रैंड चैलेंज' के जरिए नई तकनीकों की पहचान, माइलस्टोन आधारित ग्रांट फंडिंग, शैक्षणिक संस्थानों और CPSE रिसर्च सेंटरों के साथ संयुक्त विकास तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मौजूदा संयंत्रों में फील्ड पायलट की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ सेक्टर सैंडबॉक्स और निर्धारित खरीद प्रक्रिया के माध्यम से नियामकीय सहायता भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य सफल तकनीकों को सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप अपनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
पूर्वोत्तर की तकनीक को मिलेगा बाजार
MC² + Ignite पहल से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, शैक्षणिक अनुसंधान संस्थानों और बड़ी ऊर्जा कंपनियों के बीच सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है। खासतौर पर पूर्वोत्तर में विकसित स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचाने में यह मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार और उद्योग के बीच इस तरह का सहयोग बढ़ने से स्थानीय समस्याओं के स्थानीय तकनीकी समाधान विकसित होने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।