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असम के IAS अधिकारी शर्मा ने लिया VRS, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

नागांव : असम के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और नागांव के जिला आयुक्त (DC) देवाशीष शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का विकल्प चुन लिया है। राज्य सरकार ने उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। नागांव में जिला आयुक्त के पद पर उनकी तैनाती को अभी कुछ ही महीने हुए थे। उनके अचानक प्रशासनिक सेवा से बाहर होने के फैसले ने असम की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। देवाशीष शर्मा के VRS लेने के बाद उनके सक्रिय राजनीति में उतरने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा में उनके शामिल होने की संभावना 8 सितंबर के आसपास जताई जा रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक उनके औपचारिक शामिल होने या उम्मीदवार बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि भाजपा उन्हें आगामी नागांव लोकसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बना सकती है। यदि ऐसा होता है तो शर्मा का प्रशासनिक सेवा से सीधे चुनावी राजनीति में प्रवेश असम की इस महत्वपूर्ण सीट के चुनाव को और दिलचस्प बना सकता है।

नागांव में ही DC रहे, अब चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा

देवाशीष शर्मा की राजनीतिक संभावनाओं को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह हाल तक नागांव के जिला आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक प्रोफाइल में भी उन्हें नागांव का DC बताया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान वह जिले की प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। दिसंबर 2025 में उन्होंने नागांव में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच की निगरानी भी की थी। इसके अलावा, जिले में जनसमस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर उनकी सक्रियता की खबरें सामने आती रही हैं। देवाशीष शर्मा का VRS ऐसे समय हुआ है जब नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नागांव में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है, जबकि 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 19 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। नागांव सीट तत्कालीन सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। बोरदोलोई ने बाद में भाजपा का दामन थाम लिया और 2026 के असम विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया। अब इसी सीट पर होने वाला उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।

कांग्रेस ने पहले ही चुनाव आयोग से जताई थी आपत्ति

देवाशीष शर्मा के संभावित चुनावी मैदान में उतरने को लेकर कांग्रेस ने पहले ही सवाल उठाए हैं। असम कांग्रेस के नेता रकीबुल हुसैन ने 4 सितंबर को निर्वाचन आयोग से संपर्क कर शर्मा की संभावित उम्मीदवारी पर चिंता जताई थी। कांग्रेस का तर्क है कि शर्मा हाल तक नागांव के जिला आयुक्त के साथ-साथ जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और ऐसे में उनके संभावित राजनीतिक प्रवेश को लेकर चुनावी निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठ सकते हैं। अब VRS स्वीकार होने के बाद यह राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। नागांव लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और यहां राजनीतिक मुकाबला काफी जटिल माना जाता है। भाजपा इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारी कर रही है। ऐसे में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले पूर्व जिला आयुक्त को उम्मीदवार बनाना भाजपा के लिए एक अलग तरह की रणनीति हो सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी संकेत दिया है कि देवाशीष शर्मा पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा है कि संभावित उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी और अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि VRS के बाद देवाशीष शर्मा वास्तव में भाजपा में शामिल होते हैं या नहीं और यदि शामिल होते हैं तो क्या पार्टी उन्हें नागांव लोकसभा उपचुनाव में मैदान में उतारती है। आने वाले कुछ दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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