बाढ़ पीड़ितों से बातचीत करते मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा 
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असम के 16,746 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 25.12 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत

हिमंत बोले- बाढ़ प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए सरकार ने नया मानक स्थापित किया अब तक 300 करोड़ रुपये जारी

गुवाहाटी : असम सरकार ने इस वर्ष की विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को बताया कि शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों के 16,746 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में कुल 25.12 करोड़ रुपये अंतरिम सहायता के रूप में सीधे अंतरित किए गए हैं। प्रत्येक परिवार को 15,000 रुपये की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन इस बार राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। उनके मुताबिक, राजस्व विभाग के प्रयासों से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिलने के साथ उन्हें जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिली है।

1.17 लाख परिवारों को एकमुश्त सहायता

सरमा ने बताया कि राज्य सरकार कुल 175 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के तहत 1,17,095 बाढ़ प्रभावित परिवारों को एकमुश्त अंतरिम सहायता प्रदान कर रही है। सरकार का दावा है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे राहत वितरण में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद राहत और पुनर्वास पर होने वाला कुल खर्च 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

ओरुनोदोई लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिवसागर और चराईदेव जिलों में ‘ओरुनोदोई’ योजना के तहत महिला लाभार्थियों को सितंबर में 2,000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आम तौर पर प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह 1,250 रुपये मिलते हैं। हालांकि, बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में पिछले महीने प्रत्येक लाभार्थी को 2,500 रुपये दिए गए थे। सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक एवं सामुदायिक ढांचे की बहाली के लिए भी राशि जारी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार— स्कूलों की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये, आंगनबाड़ियों के लिए 11 करोड़ रुपये, नामघरों के लिए 16 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा चार बाढ़ प्रभावित जिलों में 405 सड़कों और 244 जलापूर्ति परियोजनाओं की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मरम्मत और बहाली कार्यों के लिए अब तक कुल 300 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

95,545 प्रभावित परिवारों की पहचान

बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन के लिए किए गए डिजिटल सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि 1,182 शिक्षकों ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया। इसके जरिए बाढ़ से प्रभावित 95,545 परिवारों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन का दूसरा चरण सितंबर में शुरू किया जाएगा। इससे बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का व्यापक आकलन करने और आगे की राहत एवं पुनर्वास योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

14,227 लोगों ने मांगी ऋण राहत

बाढ़ प्रभावित लोगों को वित्तीय संस्थानों से राहत दिलाने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैंकों से बाढ़ प्रभावित कर्जदारों को ऋण भुगतान में राहत देने के लिए कहा गया था। कुल 14,227 बाढ़ पीड़ितों ने ऋण राहत के लिए आवेदन किया, जिनमें से 13,943 लोगों को बैंकों ने अब तक यह सुविधा प्रदान की है। वहीं, बीमा दावों के मामले में चार सबसे गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में अब तक 2,728 परिवारों को लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री फॉरेन लैंग्वेज इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल हंट’ के तहत जापानी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए भी धनराशि जारी की। योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण सहायता के रूप में तीन किस्तों में कुल एक लाख रुपये दिए जाएंगे। नौकरी मिलने के बाद प्रत्येक उम्मीदवार को अतिरिक्त 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

48,188 युवाओं को 118.6 करोड़ रुपये

सरकार ने ‘मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना’ के तहत सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं को भी वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। सरमा के अनुसार, योजना के तहत 48,188 उम्मीदवारों को कुल 118.6 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक पात्र उम्मीदवार को एक वर्ष तक हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के हित में राहत और पुनर्वास पर खर्च करने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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