गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को महान वैष्णव संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकरदेव की आध्यात्मिक दृष्टि और विचारों ने भारत की सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए संत शंकरदेव को याद किया। उन्होंने कहा कि महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव भारत के महान वैष्णव संतों में से एक थे, जिनकी आध्यात्मिक दृष्टि ने देश की सभ्यतागत और सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ किया।
शिक्षा, कला और साहित्य से समाज को समृद्ध किया
शर्मा ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने अपनी गहरी शिक्षाओं के साथ-साथ कला और साहित्य के माध्यम से सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया। उनके योगदान ने असमिया समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शंकरदेव की शिक्षाओं ने समाज में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का काम किया। उनके विचारों और रचनात्मक योगदान ने असम की सांस्कृतिक पहचान को भी समृद्ध किया।
‘पवित्र चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं’
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में संत शंकरदेव की तिरोभाव तिथि का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर वह गुरुजन के पवित्र चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। श्रीमंत शंकरदेव को असम में वैष्णव भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में माना जाता है। उन्होंने भक्ति, सामाजिक समरसता, साहित्य, संगीत, नाटक और कला के माध्यम से व्यापक सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरण का संदेश दिया। असम के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में उनका प्रभाव आज भी व्यापक रूप से देखा जाता है।