गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को अपने घरों के बाहर मिट्टी के दीये जलाने और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। सरमा ने इसे अपना "व्यक्तिगत अनुरोध" बताते हुए लोगों से विकास परियोजनाओं से जुड़े स्थानों पर भी दीये जलाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव के माध्यम से यह अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घरों, मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों सहित उन स्थानों पर भी दीये जलाए जा सकते हैं, जो केंद्र और राज्य में विकास की विभिन्न पहलों से जुड़े हैं। असम बीजेपी की ओर से भी 17 सितंबर को राज्य के 31 हजार से अधिक बूथों पर दीये जलाने का कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के साथ ही बीजेपी का महीने भर चलने वाला **'सेवा संकल्प अभियान'** शुरू होगा। असम में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। पार्टी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा एवं जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करना है। अभियान के तहत रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य संबंधी पहल, स्वच्छता अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्यक्रम, युवाओं और छात्रों के लिए गतिविधियां तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। बीजेपी ने इसके लिए राज्य से लेकर बूथ स्तर तक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विकास कार्यों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी अपील के दौरान असम में केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए विभिन्न विकास कार्यों और पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने चराइदेव के मोइदम्स को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने, असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने, राज्य में टाटा के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट तथा सड़क एवं रेलवे ढांचे में निवेश सहित कई विषयों का जिक्र किया। चराइदेव के मोइदम्स को 2024 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। इसी वर्ष केंद्र सरकार ने असमिया सहित कुछ भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने को मंजूरी दी थी। असम में टाटा समूह की सेमीकंडक्टर परियोजना भी राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश के रूप में सामने आई है।
गमोसा और शांति पहलों का भी जिक्र
सरमा ने असमिया गमोसा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों, सड़क और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने तथा राज्य में शांति स्थापित करने से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को लोगों को राज्य में हुए विकास कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए कहा कि दीये जलाना आशीर्वाद और शुभकामनाओं का प्रतीक होगा।
31 हजार से अधिक बूथों पर कार्यक्रम
असम बीजेपी ने 17 सितंबर को राज्य के 31 हजार से अधिक बूथों पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी के अनुसार, बूथ स्तर के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर दीये जलाएंगे। इसके साथ ही महीने भर चलने वाले अभियान में विभिन्न सेवा एवं सामाजिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इस प्रकार प्रधानमंत्री के जन्मदिन से शुरू होने वाला अभियान असम में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ-साथ सेवा, सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा।