ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में डाक विभाग में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। तवांग डाकघर में बहु उद्देशीय कर्मचारी (एमटीएस) के पद पर कार्यरत एक महिला को 39.25 लाख रुपये के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 14 सितंबर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।
वित्तीय जांच में सामने आई अनियमितताएं
तवांग के पुलिस अधीक्षक तासी दरांग ने बताया कि डाक विभाग की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। बोमडिला डाक उपमंडल के डाक निरीक्षक एच. निलामई सिंह ने 13 सितंबर को तवांग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 7 सितंबर को तवांग डाकघर में वित्तीय जांच की गई थी। इस दौरान लेखा संबंधी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में आरोपी महिला 10 सितंबर तक 39.25 लाख रुपये का हिसाब देने में कथित तौर पर विफल रही।
34.49 लाख रुपये प्रीमियम की राशि
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 34.49 लाख रुपये की राशि 1 जनवरी 2023 से 31 मई 2024 के बीच डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के प्रीमियम के रूप में जमा की गई थी। डाक विभाग के अनुसार, यह रकम न तो आधिकारिक खातों में जमा की गई और न ही अधिकारियों की ओर से बार-बार याद दिलाए जाने के बावजूद उसका हिसाब प्रस्तुत किया गया।
काउंटर की 4.75 लाख की नकदी भी गायब
जांच के दौरान डाकघर के काउंटर पर जमा 4.75 लाख रुपये की नकदी भी नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह राशि जमा नहीं कराई गई थी। इस तरह विभाग की जांच में कुल 39.25 लाख रुपये की राशि का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई।
पूछताछ में राशि के गबन की बात स्वीकारने का दावा
डाक विभाग के अधिकारियों की शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर राशि के गबन की बात स्वीकार की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला ने लिखित रूप से सरकारी धन के गबन की बात स्वीकार की थी। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
14 सितंबर को हुई गिरफ्तारी
डाक विभाग की शिकायत के आधार पर तवांग थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच थाना प्रभारी एन. अंगू को सौंपी गई। पुलिस अधीक्षक तासी दरांग ने बताया कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी महिला को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से गबन की गई राशि का इस्तेमाल किस तरह किया गया और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।