ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के कक्षा 9 के छात्र रूबु डेनियल ने घरेलू चूल्हों से लगने वाली आग को रोकने के लिए एक अनोखा अग्नि-सुरक्षा सिस्टम तैयार किया है। छात्र के इस वैज्ञानिक प्रयोग की मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सराहना की है। मुख्यमंत्री ने इसे पारंपरिक चूल्हों का इस्तेमाल करने वाले घरों में आग से होने वाले हादसों को कम करने की दिशा में उपयोगी पहल बताया। रूबु डेनियल विवेकानंद केंद्र विद्यालय (वीकेवी), ओयान के छात्र हैं। उन्होंने ‘ऑटोमैटिक सॉयल ड्रॉप-फायर सेफ्टी सिस्टम’ तैयार किया है। इस सिस्टम की खासियत यह है कि आग लगने या तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ने की स्थिति में यह चूल्हे के ऊपर अपने आप मिट्टी गिराने की व्यवस्था करता है। मिट्टी आग को ढककर उसके हवा के संपर्क को कम करती है, जिससे आग बुझाने में मदद मिल सकती है।
राज्य विज्ञान सेमिनार में हासिल किया पहला स्थान
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रूबु डेनियल के प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करते हुए उन्हें बधाई दी। रूबु ने इस वर्ष आयोजित राज्य विज्ञान सेमिनार में पहला स्थान हासिल किया है। अब वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, रूबु के इस प्रोजेक्ट ने GYS Avishkar Awards 2026 के पहले चरण को भी पार किया है। करीब 1,000 प्रोजेक्टों में से केवल 86 प्रोजेक्ट इस चरण के लिए चुने गए हैं। खांडू ने छात्र के साथ उसके मार्गदर्शक शिक्षक थोकचोम लेनिन और पूरी टीम के प्रयासों की भी सराहना की।
पारंपरिक चूल्हों वाले घरों के लिए उपयोगी अवधारणा
अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में कई परिवार खाना पकाने या गर्मी के लिए पारंपरिक चूल्हों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे चूल्हों में आग की निगरानी न होने या तापमान बढ़ने की स्थिति में दुर्घटना का खतरा रहता है। रूबु का प्रोजेक्ट इसी जोखिम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सिस्टम का मूल विचार सरल है—जैसे ही आग या अत्यधिक तापमान का पता चले, चूल्हे के ऊपर रखी मिट्टी स्वतः नीचे गिर जाए और आग को ढक दे। इस तरह आग को ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पाएगी और उसे नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
कम लागत वाली तकनीक पर जोर
इस प्रोजेक्ट की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी सरलता और संभावित कम लागत है। इसमें आग को नियंत्रित करने के लिए पानी या महंगे अग्निशमन उपकरण के बजाय मिट्टी का इस्तेमाल करने की अवधारणा अपनाई गई है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में घरेलू अग्नि-सुरक्षा के लिए कम लागत वाले समाधान की संभावना बनती है। हालांकि, विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार किसी भी ऐसे सिस्टम को बड़े पैमाने पर घरेलू इस्तेमाल में लाने से पहले तकनीकी परीक्षण, विश्वसनीयता जांच और आवश्यक सुरक्षा प्रमाणन जरूरी होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर अरुणाचल का प्रतिनिधित्व करेंगे रूबु
राज्य स्तर पर सफलता के बाद रूबु डेनियल अब राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से मिली सराहना ने इस युवा छात्र के वैज्ञानिक प्रयास को राज्य स्तर पर भी पहचान दिलाई है। अरुणाचल प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर सरकारी स्तर पर भी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य का फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराता है और घरेलू स्तर पर आग से बचाव के लिए धुआं पहचानने वाले उपकरण, खाना पकाते समय सावधानी और ज्वलनशील वस्तुओं को गर्मी के स्रोतों से दूर रखने जैसी सावधानियों की सलाह देता है।